बिजनौर के नगीना में पश्चिम की गर्म हवा के चलते पिछले तीन वर्षों का मई माह का सबसे गर्म दिन मंगलवार रहा। अधिकतम पारा 42 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। उधर, गर्मी का सबसे अधिक असर आम की फसल पर पड़ा है। कृषि अनुसंधान मौसम वैधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के मुताबिक मंगलवार मई माह का सबसे गर्म दिन रहा।
सुबह के समय न्यूनतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस व आर्द्रता 56 प्रतिशत, जबकि दुपहर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस व आर्द्रता 16 प्रतिशत रिकार्ड की गई।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 के मई माह में पारा 40.4 डिग्री, वर्ष 2015 मई माह में 41.5 डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड किया गया था। भीषण गर्मी के चलते जनजीवन प्रभावित है।
उधर, आम कारोबारी यामीन उर्फ मिन्ना का कहना है कि वर्षा न होने के कारण आम की फसल प्रभावित हो रही है। उसे बचाने के लिए पंपों से पानी देकर बचाव किया जा रहा है। वहीं, मौसम विभाग के प्रेक्षक का कहना है कि पारा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण अभी तक बारिश नहीं होना है।