सुभाष शतक लिखकर दी ‘बोस’ को श्रद्धांजलि
बरूकी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि 18 अगस्त को जनपद के लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। जनपद के ग्राम सिसौना निवासी सुशील कुमार त्यागी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित काव्य पुस्तिका सुभाष शतक लिखी है, जिसका काव्य पाठ उत्तर भारत के कई विद्यालयों में हो चुका है।
जनपद बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र के ग्राम सिसौना निवासी सुशील कुमार त्यागी ने 1995 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर सुभाष शतक लिखा। सुशील कुमार त्यागी बताते हैं कि उनके जीवन पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस का भारी प्रभाव रहा। एक धनवान परिवार से आने के बावजूद उन्होंने भीषण यातनाएं सहकर मां भारती की सेवा में अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी और भारत को स्वतंत्र घोषित कर एक नई सरकार बनाई, जिसे आठ देशों ने मान्यता भी प्रदान की। यद्यपि उनकी मृत्यु पर हमेशा संदेह रहा है, ऐसे में नेताजी भारतीय जनमानस के हृदय में आज भी जीवित हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पूरे जीवन पर आधारित सुभाष शतक को घनाक्षरी छंद में लिखा गया है। सुभाष शतक का काव्य पाठ कई शिक्षण संस्थाओं तथा साहित्यिक मंचों पर हो चुका है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा के शिक्षण संस्थानों में भी सुभाष शतक का काव्य पाठ हो चुका है। सुभाष शतक के लिए सुशील कुमार त्यागी को दीपशिखा सम्मान भी मिल चुका है। यह एक ओजस्वी रचना है, जिसमें सुभाष चंद्र बोस के पूरे क्रांतिकारी जीवन को दर्शाया गया है।
नेताजी की मृत्यु पर सुभाष शतक में सुशील कुमार त्यागी ने लिखा है
अट्ठारह अगस्त सन पैंतालीस का अशुभ दिन ऐसा आया, हुए लीन सब शोक में, जिस यान से प्रयाण नेता जी थे कर रहे, हुआ वहीं दुर्घटनाग्रस्त ताईहोक में,
हृदय विदारक ये वाणी सुन रेडियो से, मच गया हाहाकार तुरंत त्रिलोक में, था महान नेता वह मरा नहीं अमर है, यश द्वारा जीवित रहेगा वह लोक में।
सुशील त्यागी।- फोटो : BIJNOR