ईरान के तेहरान में बिजनौर का छोरा लवी छाया हुआ है। लवी चौधरी ने ईरान में जबरदस्त खेलते हुए वॉलीबाल में भारतीय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय टीम ने थाईलैंड को हराया है, आज गुरुवार को कोरिया की टीम से मुकाबला होगा।
बिजनौर में कोतवाली देहात के गांव रहमापुर का रहने वाला लवी चौधरी ईरान के शहर तेहरान में चल रही अंडर-18 एशियाई वॉलीबाल चैंपियनशिप में भारत की टीम में खेल रहा है। इस भारतीय टीम ने थाईलैंड की टीम को 3-1 से शिकस्त दी। बेहद रोमांचक मुकाबले में भारत की टीम ने जीत हासिल की। थाईलैंड के साथ हुए मैच में भारतीय टीम ने पहला सेट जीत लिया, लेकिन दूसरे सेट में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। लेकिन तीसरे सेट में लवी ने बेहतरीन खेल दिखाया और एक समय 15-19 से पिछड़ रही टीम को 25-23 से सेट जीता कर मैच अपने नाम कर लिया।
भारतीय टीम ने मुकाबला 25-21, 24-26, 27-25, 25-23 से जीता। लवी के प्रदर्शन से परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर भारतीय टीम की जीत की खुशी मनाई। लवी के पिता मांगेराम ने बताया कि उन्हें अपने पुत्र पर गर्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय टीम चैंपियनशिप जीतकर लौटेगी। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से पहले लवी हरियाणा की टीम की ओर से खेलता रहा है। लवी का चयन भारतीय टीम के भुवनेश्वर कैंप के लिए हुआ था, जहां से उसे भारतीय टीम में चुन लिया गया।
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आठ साल की कड़ी मेहनत से मिला मुकाम
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बाद साल 2017 में लवी चौधरी का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण सेंटर कुरुक्षेत्र में हुआ था। पिछले पांच सालों से लवी साईं के हॉस्टल में कड़ा प्रशिक्षण ले रहा है। साल 2017 से पहले लवी ने तीन सालों तक बिजनौर के नेहरू स्टेडियम में खेल के गुर सीखे थे। आठ साल की इस कड़ी मेहनत के बाद लवी अंडर-18 भारतीय टीम का हिस्सा बना है।