धामपुर में दुर्घटनास्थल का मंजर देख लोगों का कलेजा कांप गया। वहां लाशें खून से लथपथ थीं।
हर ओर मृतकों और घायलों का खून बिखरा हुआ था। खून से लथपथ लाशों के बीच बच्चे दर्द से कराह रहे थे। एक साल की मासूम परी का रक्त से नहाया शव देकर लोगों की रूह सिहर उठी। एक तरफ कार से घायल बच्चों के रोने और कराहने की आवाजें आ रही थीं तो दूसरी ओर मरघट जैसा सन्नाटा था। एक के बाद एक कार से नौ शव बाहर निकाले गए। हादसे के बाद बस का चालक बस को बंद किए बिना ही फरार हो गया। इनोवा कार की अगली सीट पर ड्राइवर के बराबर में एक वर्षीय परी पापा रजत की गोद में थी।
डीएम जगतराज व एसपी अतुल शर्मा ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों को देखा। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को आधुनिक आपातकालीन जीवन सुरक्षा सेवाओं से लेस 108-एंबुलेंस से मेरठ के आनंद अस्पताल भेजा गया। फोन से ही मेरठ के सीएमओ को निर्देश दिए कि वह आनंद अस्पताल में जाकर अपनी देखरेख में घायलों का उपचार कराएं। टंडन परिवार के बिजनौर निवासी रिश्तेदार भी सूचना पर पहुंचे और डीएम का आभार जताया। ब्यूरो