नजीबाबाद से हरिद्वार के लिए कांवड़ यात्रा के दौरान चंद रोडवेज बसों का ही संचालन हो सका
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। शिवभक्तों को सुरक्षित आवागमन देने के लिए प्रशासन की ओर से किए गए रूट परिवर्तन की वजह से परिवहन व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। नजीबाबाद से हरिद्वार के लिए कांवड़ यात्रा के दौरान चंद रोडवेज बसों का ही संचालन हो सका।
परिवहन निगम के नजीबाबाद डिपो से हरिद्वार के लिए औसतन 12 रोडवेज बसों का नियमित रूप से संचालन होता है। महाशिवरात्रि पर्व पर परिवहन निगम ने हरिद्वार तक अतिरिक्त बस संचालन और फेरे बढ़ाने का फैसला लिया था। प्रशासन की ओर से शिवभक्तों को सुरक्षित यातायात व्यवस्था देने के लिए हाईवे के नजीबाबाद, मंडावली, भागूवाला, हरिद्वार मार्ग पर वाहनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित कर रूट डायवर्ट किया गया। नहर पटरी मार्ग से सभी प्रकार के वाहन निकाले गए।
रूट डायवर्ट मार्ग पर भी कावड़ यात्रा के चलते लगातार रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनती रही। इससे नजीबाबाद से हरिद्वार के बीच परिवहन निगम की अतिरिक्त बस सेवा चलाने की घोषणा हवाई बनकर रह गई। भारी वाहनों के लिए डायवर्ट मार्ग पर लगातार जाम के कारण नजीबाबाद से हरिद्वार के लिए आम दिनों में चलने वाली रोडवेज बसों का भी संचालन सुचारु रूप से नहीं हो सका। जाम के कारण बस में सफर करने वाले शिवभक्तों और दैनिक यात्रियों को तीन-चार दिन परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिवरात्रि पर भी प्रभावित रहीं रोडवेज सेवाएं
महाशिवरात्रि पर परिवहन निगम की सेवाएं प्रभावित रहीं। रूट डायवर्ट होने और यात्री कम होने से यात्रियों को घंटे बसों का इंतजार करना पड़ा। नजीबाबाद से मुरादाबाद के लिए सीधी बस सेवा दोपहर तक प्रभावित रहीं। यात्रियों को टुकड़ों में लंबी दूरी की यात्रा के लिए विवश होना पड़ा।
करीब 2.50 लाख रुपये प्रतिदिन रहा घाटा
परिवहन निगम नजीबाबाद के एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि रूट डायवर्ट होने और जाम के कारण कांवड़ यात्रा के दौरान कई दिन तक रोडवेज की आय प्रभावित रही। डिपो को औसतन 2.50 लाख रुपये प्रतिदिन की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।