भुगतान के विवाद में अटका युवाओं का प्रशिक्षण
बिजनौर। उत्तर प्रदेश कौशल विकास निगम की रोजगारपरक योजनाओं से युवक आत्म निर्भर बन रहे हैं। परंतु योजनाओं का कम प्रचार प्रसार होने से अनेक युवक योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। एनजीओ को लक्ष्यों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देना होता है। एनजीओ प्रशिक्षित युवाओं का प्लेसमेंट कराते हैं। काम शुरू नहीं होने की वजह एनजीओ का भुगतान को लेकर शासन से चल रहा विवाद बताया गया है।
निगम के जिला प्रबंधक सुनील कुमार बताते है कि शासन की ओर से युवाओं के लिए करीब दो दर्जन रोजगारपरक कोर्स स्वीकृत हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 के नौ माह बीत चुके हैं, आरोप है कि शासन द्वारा उत्तर प्रदेश कौशल विकास निगम के लिए वित्तीय वर्ष के लिए तय लक्ष्य पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। एनजीओ को लक्ष्यों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देना होता है। एनजीओ प्रशिक्षित युवाओं का प्लेसमेंट कराते हैं। काम शुरू नहीं होने की वजह एनजीओ का भुगतान को लेकर शासन से चल रहा विवाद बताया गया है।
बेरोजगार युवाओं को हैंड एम्ब्रॉयडरी अर्थात जरी, एकाउंटिंग, बैंकिंग बीमा, हेल्थ केयर, सिलाई कढ़ाई, कृषि, टेलरिंग आदि के प्रशिक्षण दिए जाते हैं। शासन द्वारा अधिकृत स्वयं सेवी संगठन अर्थात एनजीओ प्रशिक्षण देते हैं। जिले में करीब एक दर्जन स्वयं सेवी संगठन काम कर रहे हैं। सैकड़ों युवक प्रशिक्षण लेकर जॉब कर रहे है। प्रशिक्षण में युवाओं से कोई पैसा नहीं लिया जाता है। शासन की ओर से वेशभूषा तथा कोर्स की किताब उपलब्ध कराई जाती है। निगम का काम एनजीओ के कामकाज की मानिटरिंग करना है।
स्वीकृत हुआ जरी का काम
बिजनौर एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल है। जिले के लिए हैंड एम्ब्रॉयडरी अर्थात जरी का काम स्वीकृत है। योजना में जैविक खेती को बढ़ावा देने का कार्यक्रम शामिल किया गया है। इसमें रिप्रजेंटेटिव गांवों में जाते हैं। किसानों को जैविक खेती अपनाने की सलाह देते हैं। जैविक खेती के टिप्स दिए जाते हैं। जिले में फूल, सब्जी, दलहन की जैविक खेती का लक्ष्य लेकर काम करने की योजना है। इस बारे में डीएम की ओर से स्वीकृति के लिए पत्र शासन को भेजा गया है।
प्रशिक्षण के बाद हासिल किया मुकाम
मनु कुमार बताते हैं कि उन्होंने 2017 में उत्तर प्रदेश कौशल विकास निगम की योजना बैंकिंग में प्रशिक्षण लिया था। प्रशिक्षण पूरा होने के तीन माह बाद उन्हें नौकरी मिल गई थी। वर्तमान में वह हिंदुस्तान लीवर कंपनी में बतौर प्रोडक्ट कंसलटेंट काम कर रहे हैं। मुकेश कुमारी विशाल मेगा मार्ट में जॉब करती है। वह भी उत्तर प्रदेश कौशल विकास निगम की योजना बैंकिंग से प्रशिक्षण ले चुकी है। उन्होंने भी योजना को युवाओं के लिए बेहतर बताया।