जिले में हुआ पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन
बिजनौर। जिले में पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन हो चुका है। पहली बैठक भी कर ली गई है, जिसमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंथन किया गया। युवा पीढ़ी को जिले की सांस्कृतिक और एतिहासिक जगहों से रूबरू कराने के लिए स्कूल-कॉलेजों में युवा पर्यटन क्लब बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सोमवार को कलक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार में जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की पहली बैठक डीएम की अध्यक्षता में हुई। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि अमानगढ़ का गेट खुल जाने से इस जिले का भाग्य बदल जाएगा। इसके अलावा जिले 12 गांवों में ग्रामीण और एग्रो पर्यटन, फार्म व होम स्टे को बढ़ावा दिया जाएगा। इन पर्यटन गांवों में शेड लगाए जाएंगे। जनपद के मुख्य पर्यटन स्थलों में निजी उद्यमी व संस्थान वैलनेस सेंटर बनाएं। अगले साल 20 फरवरी को बिजनौर महोत्सव का आयोजन किया जाना है, इसके लिए 20 लाख का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। युवा पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पुरातात्विक व पौराणिक धरोहरों की जानकारी हो, इसके लिए कक्षा 6 से 12 तक के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में कम से कम 25 छात्रों के समूह में युवा पर्यटन क्लब की स्थापना कराई जाए।
राज्य योजना के तहत मोटा महादेव मंदिर, दारा नगर, झारखंडी मंदिर, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व का पर्यटन विकास सहित राज्य योजना और जिला योजना वर्ष 2022-23 में प्रस्तावित है। सीडीओ पूर्ण बोरा ने कहा कि जिले में 14 स्मारक एएसआई संरक्षित हैं। पर्यटक अधिकारी दीप्ति वत्स ने बताया कि जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद का गठन कर लिया गया है। ताजपुर, दारानगर, धीमारपुरा, पर्वतपुर, काशीवाला, रावली, पैजानिया, खेड़ीपुर हेमराज (गंगा बैराज), कुंदनपुर टीप, सुल्तानपुर (मथुरापुर मोड़), खेड़की व नगीना को पर्यटन ग्राम में शामिल किया गया है।
पर्यटन निवेश में मिलेगी 25 प्रतिशत छूट
पर्यटक अधिकारी दीप्ति वत्स ने बताया कि पर्यटन नीति 2018 के तहत अगर कोई निजी उद्यमी, संस्थान, व्यक्ति आदि अपना प्रोजेक्ट लगाना चाहता है। उन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट पंजीकरण कराते हुए अपना प्रोजेक्ट वहां अपलोड कर सकते हैं। 28 प्रकार के कार्यों व उद्यम में पर्यटन नीति 2018 के तहत 15 से 25 प्रतिशत तक पूंजी निवेश पर छूट दी जाएगी। विकास शुल्क एवं स्टांप ड्यूटी लागू नहीं होगी तथा बैंक ऋण पर पांच प्रतिशत तक की सब्सिडी पांच साल तक दी जाएगी।
न्यू कार्बेट पार्क के रूप में विकसित होगा अमानगढ़
शासन से अमानगढ़ के विकास के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। कैबिनेट में भी इसका प्रस्ताव पास हो चुके हैं। अब इसे सरकार न्यू कार्बेट पार्क के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में अमानगढ़ पर्यटन के मानचित्र पर बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है। एक साल पहले अमानगढ़ को पर्यटन के मानचित्र पर चमकाने के लिए प्रशासन और वन विभाग ने मिलकर अभियान की शुरूआत की थी। इसके लिए लगातार प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि लगातार हो रहे प्रयास अब सफल होते दिख रहे हैं।