बच्चों से अतिकुपोषण दूर करने में जिला प्रशासन के प्रयास रंग लाए हैं। राज्य पोषण मिशन में बिजनौर की डीएम बी चंद्रकला व सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी द्वारा गोद लिए गए गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों में से सबसे अधिक बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए। प्रदेश में इन दोनों के गांवों ने टॉप तीन में जगह बनाई है।
कुपोषण दूर करने के लिए बीते साल राज्य पोषण मिशन अभियान शुरू किया गया था। अधिकारियों को गांव गोद लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को कुपोषणमुक्त रखने का दायित्व दिया गया था।
अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के लिए वजन दिवस भी चलाया गया था। डीएम बिजनौर ने नजीबाबाद के गांव बौरेकी एवं हसनपुर तथा सीडीओ ने धामपुर के गांव मोरा और सरकथल सानी को गोद लिया था। प्रदेश में किए गए सर्वे के बाद डीएम बी चंद्रकला व सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी के गांवों में सबसे अधिक बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं।
मुरादाबाद में हुई बैठक में कमिश्नर सुभाषचंद्र शर्मा ने डीएम बी चंद्रकला एवं सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी को इस अभियान की कामयाबी के लिए सराहना की। डीएम बी चंद्रकला के अनुसार कुपोषण के खिलाफ अभियान जारी रहेेगा। सभी बच्चों को कुपोषणमुक्त रखने का लक्ष्य रखा गया है।