बिजनौर में गंगा बैराज पर सफाई करते विधायक,अधिकारी व समाजसेवी।
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बिजनौर में गंगा स्नान मेले के बाद सीडीओ के नेतृत्व में गंगा बैराज पर सफाई अभियान चलाया गया। अभियान में जिले में नूरपुर विधायक, कई अधिकारी व समाजसेवियों ने भी साफ सफाई की। इस दौरान गंगा घाट पर काफी गंदगी पसरी हुई थी।
चार नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्थान था। इस दौरान गंगा बैराज पर हजारों श्रद्धालुओं आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। इस अवसर पर कई भंडारों का आयोजन भी किया गया। लेकिन मेले के बाद गंगा बैराज पर गंदगी पसर गई। रविवार की सुबह सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठ कई अधिकारियों व समाजसेवियों ने साथ साफ सफाई की। इस दौरान नूरपुर विधायक लोकेंद्र चौहान भी पहुंच गए। उन्होंने झाडू़ लेकर करीब एक घंटे तक श्रमदान किया। श्रमदान के बाद गंगा घाट चमचमाने लगा व बहुत सुंदर दिखने लगा। विधायक ने कहा कि मां गंगा पतित पावनी है जीवनदायिनी है। मां गंगा धार्मिक रूप से भी बहुत ही महत्वपूर्ण व पूजनीय है, इसलिए गंगा को स्वच्छ एवं पवित्र रखना हमारा नैतिक दायित्व भी है। केंद्र सरकार भी नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक गंगा को स्वच्छ व पवित्र रखने के लिए अभियान चला रही है।
सभी की जिम्मेदारी है कि गंगा को प्रदूषण से मुक्त करने विशेष अभियान चलाने होंगे। सीडीओ ने बताया कि गंगा स्नान मेले के उपरांत घाट पर अत्यंत गंदगी हो जाती है जो गंगा में जाकर गंगा को अपवित्र एवं प्रदूषित करती है।
उन्होंने गंगा को स्वच्छ रखने के लिए गंगा स्नान के मेले क े उपरांत इस तरह के अभियान को चलाने की आवश्यकता एवं महत्व को बताया।
उन्होंने बताया कि मेले में दुकान इत्यादी लगाने वाले मेले समाप्ति के उपरांत गंदगी छोड़कर ऐसे ही चले जाते हैं। सीडीओ ने अवैध रूप से ठेला, दुकान इत्यादि संचालित करने वालों को चेतावनी देकर तत्काल वहां से हटवाया व घाट की अच्छे से साफ सफाई कराई। श्रमदान करने वालों में विधायक लोकेंद्र चौहान, सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह (आईएएस), सहायक विकास अधिकारी अनिल कुमार, नौबहार सिंह, समाजसेवी सौरव सिंघल, हर्ष टॉक, अर्पित खन्ना, कर्मचारी नेता अभिषेक रोड समेत शहर के कई लोगों मौजूद रहे।