हरिद्वार-नजीबाबाद नेशनल हाईवे स्थित तिरछे पुल से गुजरते जंगली हाथी।
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कालागढ़ में कालागढ़ रेंज में हाथी कैंप के निकट हाथियों के आ जाने से पूरा क्षेत्र उनकी चिंघाड़ से गूंज उठा है। इस दौरान जंगल से बाघ की दहाड़ भी सुनी गई। कालागढ़ में कर्नाटक से आए हाथियों के लिए बने हाथी कैंप के निकट दो दिन पूर्व कार्बेट टाइगर रिजर्व के हाथी रात में आ गए। हाथी कैंप में हाथियों की सुरक्षा के लिए सोलर करंट की व्यवस्था है, जिसके कारण जंगली हाथी बाहर ही चिंघाड़ते रहे। इसी दौरान वहां बाघ की दहाड़ भी सुनाई दी।
वन्यजीव अक्सर इस इलाके से विचरण करते रहे हैं। हाथी कैंप के बन जाने के कारण उनका रास्ता जो सूखा स्रोत जाता था अब बंद हो गया है, जिससे बाघ, गुलदार और हाथी अक्सर यहां से आकर वापस वनों में लौट रहे हैं।
वहीं वन विभाग ने हाथी कैंप के सामने फायर स्टेशन व सिंचाई विभाग के सरकारी पेट्रोल पंप के आसपास सफाई करा दी है, जिससे जीव मार्ग व हाथी कैंप से दूर ही रहे। हालांकि रेंज अधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि सफाई फायर सीजन को लेकर की गई है। ताकि इस इलाके में आग न लगे।