संवाद न्यूज एजेंसी
रेहड़। गांव इमरतपुर एवं हर्रावाला में बाघ की चहलकदमी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को पकड़ने की मांग की है। गांव इमरतपुर में एक पखवाड़े बाद ग्रामीणों को फिर एक बार बाघ नजर आया है। 15 दिन पूर्व भगतावाला इमरतपुर नहर मार्ग पर खेतों के समीप बाघ दिखाई दिया था। वन विभाग ने पिंजरा भी लगाया था। दो दिन बाद बाघ की चहलकदमी मोहम्मदपुर राजौरी में नजर आने लगी थी।
वन विभाग ने दस दिन पूर्व ट्रैंकुलाइज कर बाघ को पकड़ लिया था। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। ग्रामीण हरिराज, रामकुमार, विपिन, दीपक, गजराम आदि ने बताया कि 15 दिन बाद फिर से इमरतपुर में बाघ दिखाई दे रहा है।
उधर, रेंजर नगीना प्रदीप शर्मा ने बताया कि हर्रावाला में भी बाघ देखे जाने की सूचना मिली थी। टीम को मौके पर भेजा गया है।
हर्रावाला एवं इमरतपुर दोनों में ड्रोन उड़ाकर बाघ की तलाश की गई। इमरतपुर में जल्दी ही पिंजरा लगवाया जाएगा। ग्रामीणों से सावधान रखने को कहा गया है। साथ ही अकेले खेत न जाएं।