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UP: बिजनौर में टूटा गमों का पहाड़, बुझ गए तीन घरों के चिराग, सुभाष ने ससुराल में फोन कर कहा था भोजन तैयार रखना

Thu, 01 Dec 2022 11:31 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर

सार

Bijnor News : बिजनौर में तीन परिवारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। यहां तीन परिवारों के चिराग बुझ गए। तीनों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बिजनौर पुलिस। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अमरोहा के मंडी धनौरा में शेरपुर मार्ग पर ग्राम खाबड़ी के पास बाइक पेड़ से टकरा जाने के कारण बिजनौर के तीन युवकों की मौत हो गई। तीनों एक बाइक पर सवार थे और हेलमेट नहीं पहने थे। पुलिस की चेकिंग से बचने के प्रयास में उन्होंने बाइक दौड़ा दी, जिसके बाद अनियंत्रित हुई बाइक पेड़ से टकरा गई। 

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मरने वाले युवकों की पहचान सुभाष (38), संजू (42) और मुन्नू (40) निवासी गांव सहानिया, थाना चांदपुर बिजनौर के रूप में हुई है। हादसे के वक्त सुभाष अपने दोस्त संदीप उर्फ संजू और मुन्नू के साथ बाइक से धनौरा थानाक्षेत्र स्थित अपनी ससुराल गांव आशिकपुरा जा रहा था। इससे पहले वह थाना क्षेत्र के ही गांव पत्थरकुटी में अपनी पत्नी के मामा ब्रहम सिंह के यहां रुका और उसके बाद गांव शाहबाजपुर गुजर में रहने वाली अपनी बहन के यहां गया था। यहां से ससुराल जाते समय इनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस ने इन्हें सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। 

मौत से आधा घंटे पहले ससुराल में फोन करके भोजन तैयार रखने को कहा था
दोस्तों के साथ ग्राम आशिकपुरा स्थित ससुराल जा रहे सुभाष ने शाहबाजपुर गुजर गांव से निकलते ही फोन कर अपने साले को भोजन तैयार रखने को कहा था और बताया था कि वह आधा घंटा में पहुंच जाएंगे। इस दौरान परिजनों ने इमरजेंसी में चिकित्सक के नहीं मिलने पर हंगामा किया।
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सुभाष की पत्नी के मामा ब्रहम सिंह ने बताया कि सुभाष ने अपने साले रवि को फोन पर तीन लोगों के लिए भोजन तैयार रखने को कहा था। सुभाष का कहना था कि वे आधे घंटे के भीतर गांव पहुंच जाएंगे। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब सुभाष नहीं पहुंचा तो रवि ने फोन मिलाया। फोन पर पुलिस ने उसकी व दोनों दोस्तों की सड़क हादसे में मौत की सूचना दी तो उसके होश उड़ गए। अस्पताल में रवि का कहना था कि जीजा तो नहीं आए, लेकिन उनकी मौत की सूचना अवश्य आ गई।

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पुलिस जब सुभाष, संदीप व मुन्नू को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंची तो वहां इमरजेंसी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। परिजनों ने किसी चिकित्सक के नहीं मिलने पर हंगामा करना शुरू कर दिया। शोर की आवाज सुनकर डिलीवरी करा रहे एक चिकित्सक भाग कर वहां आए। उन्होंने तीनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप था कि इमरजेंसी में एक भी स्वास्थ्य कर्मी नहीं था। वहीं मौके पर मौजूद चिकित्सक का कहना था कि वह इमरजेंसी ड्यूटी कर रहा था। 

पुलिस से बचने के लिए सुभाष ने दौड़ा दी थी बाइक
शेरपुर मार्ग पर ग्राम खाबड़ी के पास बुधवार की रात पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। पुलिस कर्मियों के अनुसार खाबड़ी मोड़ पर अचानक पुलिस को देखकर सुभाष घबरा गया। उसने पुलिस से बचने के लिए अपनी बाइक की गति बढ़ा दी, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई।

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पुलिसकर्मियों ने बताया कि बाइक सवार तीनों हेलमेट भी नहीं पहने थे। यदि हेलमेट पहने होते तो जान बच सकती थी। प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार ने तीनों घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतकों की जेब से मिले मोबाइल फोन से परिजनों को घटना की सूचना दी। मौत की जानकारी मिलने पर रोते बिलखते परिजन सरकारी अस्पताल पहुंच गए। रात को ही तीनों शव कों पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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