संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद शुक्ला ने जानलेवा हमले एवं लूट में दोषी पाते हुए दरोगा शिवराम यादव और दो सिपाहियों ओमवीर भाटी व राजेंद्र सिंह को तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं 34- 34 हजार अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
ग्राम शहजादपुर निवासी उदय सैनी ने कोर्ट के माध्यम से थाना मंडावर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका भाई सतपाल 12 नवंबर 1995 को ट्रैक्टर-ट्राॅली से ग्राम सिमली से कांस के पूले और ग्राम मौजपुर के धर्मवीर के कोल्हू से गन्ना भुगतान के 1731 रुपए लेकर आया था। शाम 6:00 बजे सतपाल अपने कोल्हू के पास घेर में ट्राली से पूले उतारने लगा।
तब टेंपो में सवार होकर थाना मंडावर में तैनात दरोगा शिवराम यादव, सिपाही ओमवीर भाटी, सिपाही राजेंद्र सिंह व सिपाही सतपाल आए और सतपाल को गालियां देने लगे। राइफल की बट से मारपीट कर घायल कर दिया। जेब में रखे 1731 रुपए निकाल लिए।
राकेश, दयाराम ने छुड़ाने की कोशिश की तो पुलिस वालों ने उन्हें भी पीटा। इसके बाद सतपाल को टेंपो में बैठा कर चल दिए। मोहम्मदपुर देवमल चौराहे पर सतपाल के भाई मूलचंद आदि ने टेंपो रोक लिया। इस दौरान सतपाल टेंपो से भाग गया।
पुलिस वालों ने जान से मारने की नियत से सतपाल पर फायर किया। उसके भाई मूलचंद को मोटरसाइकिल सहित मारपीट करते हुए थाने ले गए। सत्यपाल, दयाराम एवं राकेश की चोटों का मुआयना जिला अस्पताल में हुआ। मूलचंद को पुलिस ने अवैध शराब रखने के आरोप में चालान कर दिया।
मूलचंद की जमानत हुई। शिकायत पर सीओ की जांच में लूट और हमले की घटना सही पाई गई, मगर पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें दरोगा शिवराम यादव, सिपाही ओमवीर भाटी, सिपाही राजेंद्र सिंह, सिपाही सत्यपाल के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
कोर्ट में विचारण के दौरान सिपाही सतपाल की मौत हो गई। कोर्ट ने दरोगा शिवराम यादव, सिपाही ओमपाल भाटी, सिपाही राजेंद्र सिंह को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।