नूरपुर क्षेत्र के ग्राम अब्दुल्लापुर पुरैना के जंगल में मिले फिशिंग कैट के शावक।
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बिजनौर के गोहावर में एक खेत से फिशिंग कैट के तीन शावक मिले हैं।
कैट फेमिली की मादा ईख के खेत में ही बच्चों को जन्म देती है। इस समय ईख के खेत बहुत कम हो गए हैं। जो खेत बचे हैं, उनमें अक्सर शावक देखने के मामले सामने आ रहे हैं।
गांव अब्दुल्लापुर पुरैना के जंगल में भी सोमवार शाम को फिशिंग कैट के तीन शावक मिले। तीनों शावक किसान वीर सिंह के खेत से मिले हैं। फिशिंग कैट के शावकों को देखने के लिए आसपास के गांवों के किसान भी मौके पर पहुंच गए। क्षेत्र में खूंखार जानवरों की मौजूदगी से किसानों में दहशत है।
वन विभाग के अफसरों ने गांववालों से शावकों को खेत में वहीं छोड़ने के लिए कहा है, जहां वे मिले थे।