बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट-2 ने हत्या के प्रयास के तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार थाना नजीबाबाद क्षेत्र में 23 अप्रैल 2022 की रात सड़क निर्माण कार्य के दौरान मान सिंह उर्फ लाला पर धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घायल के पुत्र विशाल की तहरीर पर पुलिस ने मोहन, दिनेश और बाबूदीन समेत अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद तीन आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने सात गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। हालांकि घायल, वादी और अन्य प्रमुख गवाह न्यायालय में अपने पूर्व बयानों से मुकर गए। घायल ने भी अदालत में आरोपियों द्वारा हमला किए जाने की पुष्टि नहीं की। न्यायालय ने माना कि जब घटना के मुख्य गवाह ही अभियोजन के कथन का समर्थन नहीं कर रहे हैं तो केवल चिकित्सीय एवं विवेचना संबंधी साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. शहजाद अली ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। इसके आधार पर मोहन, दिनेश और बाबूदीन को धारा 323/34 एवं 307/34 के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। साथ ही आरोपियों के बंधपत्र नियमानुसार प्रभावी रखने के निर्देश दिए गए। संवाद