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अफजलगढ़ बैराज के पास वन्यजीवों का खतरा

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कालागढ़ में प्राचीन शिव मंदिर के तटों पर बना स्टील ब्रिज। - फोटो : DHAMPUR
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अफजलगढ़ बैराज के पास वन्यजीवों का खतरा
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कालागढ़। कालागढ़ में रामगंगा नदी के तटों पर प्राचीन शिव मंदिर से अफजलगढ़ बैराज तक जंगली जीवों का खतरा रहता है। बैराज से ऊपर नदी के पानी में जाना खतरनाक व जानलेवा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से सुरक्षा की मांग की है। इस इलाके में अफजलगढ़ बैराज के गेटों के नीचे मंगलवार को गंगा स्नान किया जाना है।
कालागढ़ स्थित रामगंगा नदी के तट पर बने स्टील ब्रिज के नीचे जंगली जीवों का विचरण होता रहता है। नदी में सांप के अलावा मगरमच्छ तथा पिचिंग पर बाध को विचरण करते देखा गया है। दो वर्ष पूर्व प्राचीन शिव मंदिर के नीचे नदी में एक मगरमच्छ चीतल को निगल गया था। तीन महीने पहले अफजलगढ़ बैराज की पिचिंग पर बाघ को बेचिंग प्लांट के रास्ते सड़क पार कर उतरते देखा गया था। इस इलाके में अफजलगढ़ बैराज के गेटों के नीचे मंगलवार को गंगा स्नान किया जाना है। स्टील ब्रिज और बैराज के बीच सौ मीटर का फासला है।
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अफजलगढ़ बैराज कालागढ़ में सीमा पर बना हुआ है। इसके एक ओर कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज लगती है। नदी के बीच से ही कालागढ़ टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज लगती है। अफजलगढ़ बैराज के गेटों से आगे का क्षेत्र जनपद बिजनौर के वन विभाग की नगीना रेंज में लगता है। तीनों की रेंज का बार्डर होने पर यहां की व्यवस्था तीनों रेंज एक दूसरे के भरोसे ही रहती है। कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट व पाखरो रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विकास रावत ने बताया कि मौके पर गश्ती दल मौजूद रहेंगे। नदी में खतरनाक स्थानों पर किसी को उतरने नहीं दिया जाएगा। बैराज के गेटों के आगे के पानी में स्नान किया जाता है, जो सुरक्षित है।
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बांधों के मार्ग के बैरियर रहेंगे सील, प्रवेश पर रहेगी रोक
कालागढ़। गंगास्नान के दिन कालागढ़ के रामगंगा बांध एवं सैडिल बांध को जाने वाले मार्गों पर बैरियर सील रहेंगे। बांधों पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी। बांध प्रशासन ने पुलिस से गंगास्नान के दिन दोनों ही बांध के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है। गंगास्नान पर अक्सर लोग स्टील ब्रिज होकर रामगंगा बांध व तिराहे से सैडिल बांध की ओर चले जाते हैं। सुरक्षा कारणों से बांध प्रशासन ने दोनों ही बांधों पर बाहरी प्रवेश को रोकने की तैयारी की है। बांध के ईई ब्रजेश कुमार ने बताया कि दोनों ही बैरियर बाहरी लोगों के प्रवेश के लिए सील रहेंगे। दोनों ही बांधो पर नौकरी करने जाने वाले अधिकारी व कर्मी ही बांध पर जा सकेंगे।
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