- सिकंदरपुर में भी नहीं मारा जा सका आदमखोर गुलदार, लोगों में दहशत
- शहर कोतवाली के पेदी गांव की आबादी के पास देखा गया गुलदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/नहटौर। जिले के गांव गांव में इन दिनों गुलदार का शोर मच रहा है। गुलदार की दहशत में तमाम गांव में लोग रात को पहरा देने को मजबूर हैं। पेदी गांव से शोर शराबा कर गुलदार को भगाना पड़ा। वहीं, पड़ोस के ही गांव से गुलदार एक बछड़े को उठा ले गया, जबकि नहटौर में एक कटरे को गुलदार ने निवाला बनाया है।
इस साल जिले में गुलदार के हमलों में 12 लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में कोतवाली देहात के गांव सिकंदरपुर और तेलीपुरा में दो लोगों की जान गुलदार के हमले में चली गई। सिकंदरपुर में उसी जगह पर गुलदार बार बार दिखाई दे रहा है, जिस जगह पर उसने किसान को मारा था। लेकिन अभी तक आदमखोर गुलदार मारा नहीं जा सका है। वन विभाग के तमाम दावे और वादे झूठे साबित हो रहे हैं। इन गांव के अलावा भी लगभग पूरे जिले में गुलदार का खौफ बना हुआ है।
नहटौर की बात करें तो यहां मोहल्ला नौधा स्थित कान्हा गोशाला के निकट एक पालतू कटरे को गुलदार ने हमला कर कनिवाला बना लिया। शुक्रवार प्रातः जब पशुपालक उठा तो कटरा गायब था। तलाश करने पर घर से कुछ दूरी पर खाली पड़े एक प्लॉट में कटरे के अवशेष मिले। घटना से मोहल्ले में दहशत है। वहीं, गिलाड़ा निवासी सुभाष का मकान गांव की सीमा पर है। रात्रि में उसकी मां मुन्नी देवी की घर में गुलदार का जोड़ा देखकर चीख निकल गई। परिजनों व ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार भाग खड़े हुए। वहीं, बिजनौर शहर के गांव सालमाबाद निवासी नन्हें के नलकूप से बछड़े को गुलदार उठाकर ले गया। पास के ही गांव पेदी में भी गुलदार देखा गया, जिसे ग्रामीणों ने शोर शराबा कर भगाया।