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गन्ना सट्टे के अभिलेखों में फर्जीवाड़ा उजागर होने से हड़कंप

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गन्ना सट्टे के अभिलेखों में फर्जीवाड़ा उजागर होने से हड़कंप
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धामपुर। गन्ना विकास परिषद कार्यालय में शनिवार को किसानों की भीड़ लगी रही। किसान गन्ना विभाग के अधिकारियों से फर्जी सट्टे के बारे में जानकारी लेते नजर आए। कुछ किसान कार्रवाई से बचने का तरीका भी पूछते नजर आए।
शनिवार को 56 किसानों के आवेदनों को जांच में फर्जी पाए जाने का मामला उजागर होने से किसानों में हड़कंप मच गया है। इस मामले को अमर उजाला में 29 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। शनिवार को दिन भर किसानों की गन्ना समिति और गन्ना परिषद में भीड़ लगी रही। किसान यह जानने का प्रयास करते रहे कि कि जांच में किसका सट्टा फर्जी पाया गया है। जिन लोगों के आवेदन निरस्त होने का पता लग गया वे विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए अधिकारियों से समाधान का रास्ता पूछते हुए नजर आए।
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ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय ने बताया कि धामपुर गन्ना समिति में करीब तीन हजार से ज्यादा किसानों ने नए गन्ना सट्टा चलाने को ऑनलाइन आवेदन किया था। जिनकी अब जांच चल रही है। जांच में अब तक 56 किसानों के आवेदनों में अभिलेख फर्जी मिल चुके हैं। जिनके आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है।
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यह है स्थिति
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ने बताया कि जिनके अभिलेख जांच में फर्जी पाए गए हैं। उनमें से 21 किसान ऐसे हैं जो बाहरी क्षेत्र के निवासी हैं। इन्होंने फर्जी अभिलेख तैयार कर गन्ना सट्टा चलाने के लिए आवेदन किया था। 20 किसानों के राजस्व अभिलेख पूरी तरह से फर्जी हैं। 15 ऐसे किसान है कि जिनके पास खेती की जमीन कम है और उन्होंने खसरा खतौनी में छेड़छाड़ कर अपनी जमीन पहले से और ज्यादा बढ़ा कर सट़्टे को चालू कराने को आवेदन किया है।
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