बिजनौर। 22 मई से शुरू होने वाले जनगणना के पहले चरण पर साइबर ठगी का खतरा है। प्रगणक अपने मोबाइल से मकान गणना करेंगे और उन्हें अक्सर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) की आवश्यकता होगी। साथ ही इस दौरान उन्हें अलग-अलग कार्यों के लिए मोबाइल लिंक और एप आदि की भी जरूरत हो सकती है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान उन्हें पहले से ही आगाह किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि किसी भी अनजान लिंक को न खोलें और न ही किसी को ओटीपी बताएं।
इस बार जनगणना डिजिटल होगी। प्रगणकों को अपने मोबाइल का इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑफिसर) एप जारी किया गया है। प्रगणकों को निर्देश दिए हैं कि वे साइबर ठगों से बचने के लिए बेहद सतर्क रहें। एचएलओ एप को केवल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें। व्हाट्सएप ग्रुप में चलने वाले किसी अन्य लिंक से एप को डाउनलोड न करें। इससे मोबाइल हैक और डाटा चोरी होने का खतरा है। खाता अपडेट करे या फिर अपनी पहचान सत्यापित करें आदि का दावा करने वाले लिंक पर क्लिक न करें। मुफ्त पुरस्कार या पैसे देने वाले लिंक को भी न खोलें। किसी भी अनजान व्हाटसएप ग्रुप का हिस्सा न बनें। इससे आपका मोबाइल हैक कर लिए जाने की आशंका है। यदि ऐसा हुआ तो प्रगणक को वित्तीय हानि भी उठानी पड़ सकती है। मोबाइल को किसी दूसरे व्यक्ति के चार्जर से चार्ज करने या फिर किसी दूसरे के वाई-फाई से अपने मोबाइल को कनेक्ट करने के लिए भी मना किया जा रहा है।