संवाद न्यूज एजेंसी
चांदपुर। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान को जाने वाले श्रद्धालुओं की राह आसान नहीं है। जलीलपुर और हस्तिनापुर के बीच करीब दस किलोमीटर स्टेट हाईवे का टुकड़ा क्षतिग्रस्त है। सड़क में नुकीले पत्थर दिखाई दे रहे हैं। कुछ स्थानों पर सड़क की पटरी कट जाने से गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो लापरवाही में नुकसानदायक हो सकते हैं।
शायद गंगा स्नान को जाने वाले श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन की संबंधित विभाग को चिंता नहीं है, तभी तो कार्तिक पूर्णिमा से पहले श्रद्धालुओं के आवागमन की सड़क दुरुस्त नहीं कराई गई। श्रद्धालुओं को उम्मीद थी लोक निर्माण विभाग कार्तिक पूर्णिमा पर्व से पहले सड़क की मरम्मत कराएगा मगर ऐसा नहीं हुआ। श्रद्धालु टूटी सड़क पर हिचकोलों और धूल से होकर आवागमन को मजबूर हैं।
जलीलपुर और हस्तिनापुर के बीच करीब दस किलोमीटर स्टेट हाईवे का टुकड़ा क्षतिग्रस्त है। क्षतिग्रस्त सड़क के टुकड़े से होकर श्रद्धालुओं को चांदपुर तहसील के सबसे बड़े गंगा स्नान मेला स्थल नारनौर गंगा घाट के लिए आवागमन करना होता है।
गंगा के दोनों ओर बसे करीब 50 गांवों के हज़ारों किसानों और मजदूरों के रोजाना उपयोग के साथ ही हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा आदि जिलों के हजारों यात्रियों के उपयोग की सड़क क्षतिग्रस्त है। लोक निर्माण विभाग ने सड़क की खस्ता हालत को देखते हुए, 10 जुलाई को अनेक स्थानों पर ‘मार्ग बंद है’ लिखकर चेतावनी बोर्ड लगाए थे, जो आज भी ऐसे ही लगे हैं।