उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत फतेहपुर लाल उर्फ उदुपुरा गांव में राधे-राधे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने आर्थिक विकास की नई इबारत लिखी है। समूह की एक सदस्य ने ढाई लाख रुपये का ऋण लेकर तीन माह पूर्व शहद के कारोबार की शुरुआत की थी, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं। महिलाएं आसपास के क्षेत्रों में शहद के बक्से रखकर प्रतिमाह दस हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं।
समूह की सचिव मोनिका चौहान ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर ढाई लाख रुपये का ऋण लेकर इस कारोबार को शुरू किया। शुरुआत में उन्हें केवल निगरानी की आवश्यकता का अनुमान था, क्योंकि मधुमक्खियां और बक्से आसानी से उपलब्ध थे।
हालांकि, मधुमक्खियों की देखभाल एक कठिन कार्य साबित हुआ। एक निजी कंपनी के सहयोग से उन्होंने मधुमक्खी पालन का कार्य शुरू किया और सौ से अधिक बक्से विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए। प्रारंभिक कठिनाइयों के बावजूद, अब उन्हें अच्छी आमदनी होने लगी है।
समूह में दस से अधिक महिलाएं शामिल हैं, लेकिन यह विशेष कारोबार उन्होंने स्वयं के प्रयासों से शुरू किया है। मिशन की ब्लॉक मिशन मैनेजर शानुमति से उन्हें भरपूर सहयोग मिल रहा है। मोनिका ने अन्य महिलाओं को भी ऐसे कारोबार शुरू करने का सुझाव दिया है। इसमें एक बार निवेश के बाद बार-बार खर्च की आवश्यकता नहीं होती और आर्थिक वृद्धि तेजी से होती है।