जलीलपुर । चार दिन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में गंगा का पानी बह रहा है। तीन दिनों तक जलस्तर स्थिर रहने के बाद शुक्रवार को पानी कम होना शुरू हो गया है। हालांकि बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर सभी वाहनों का आवागमन बंद है।
तीन दिनों के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पानी कम तो हुआ है, फिर भी गांवों के रास्तों और स्टेट हाईवे पर एक फीट से अधिक पानी बह रहा है। गांव कुम्हरिया, सियाली, सुजातपुर खादर, दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, जमालुदीनपुर का खेड़ा आदि के वासियों को गांव से बाहर ब्लॉक, तहसील, बाजार, अस्पताल, स्कूल आदि जाने के लिए पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट से निकलना होता है। पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट शुक्रवार को भी पानी बह रहा है, जिस कारण गांववासियों का आवागमन ट्रैक्टर से हो रहा है।
गांव रायपुर खादर, जलालपुर खादर मीरापुर सीकरी के सभी संपर्क रास्तों पर पानी होने के कारण सामान्य आवागमन बंद है। गांववासी केवल ट्रैक्टर और नाव से ही आवाजाही कर रहे हैं। वाहन नहीं चलने से बाढ़ प्रभावित सभी गांव के बच्चों का स्कूल जाना बंद है। पशुपालक किसानों के सामने पशुओं का पेट भरना मुश्किल बना है। खेत और खेतों के रास्तों पर चार फीट तक पानी बह रहा है।
गंगा किनारे तटबंध की मांग को लेकर धरना जारी
बाढ़ क्षेत्र के गांववासी गंगा किनारे तटबंध, फसल मुआवजा बीस हजार रुपये बीघा, प्रभावित किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ आदि मांगों को लेकर गांव नारनौर के निकट दो दिनों से धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को एसडीएम प्रशांत वर्मा ने धरना स्थल पर गांववासियों से वार्ता की। गांववासियों ने कहा कि जब गंगा पार मेरठ की तरफ तटबंध बन सकता है, तो हमारी तरफ क्यों नहीं बनाया जा रहा हैं। पहले पानी गंगा के दोनों तरफ बहता था। अब जलस्तर बढ़ने पर सारा पानी जलीलपुर क्षेत्र के गांवों में पहुंच रहा है।
एसडीएम प्रशांत वर्मा ने कहा कि तटबंध के लिए प्रक्रिया के तहत उच्च स्तर पर अवगत कराया जा रहा है। नष्ट फसलों का अधिक से अधिक मुआवजा देने का प्रयास रहेगा। पांडवनगर पुलिस चौकी से हस्तिनापुर की ओर पांच किलोमीटर तक सड़क के नीचे पानी निकासी के लिए 18 अंडरपास बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। वार्ता के बाद धरना दे रहे किसान निखिल त्यागी, सूरज कश्यप, सूरजभान सिंह, करतार सिंह आदि ने कहा जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तब तक धरना जारी रहेगा।