कोतवाली देहात के ग्राम शहबाजपुर में पुणे से तीनों युवकों के शव पहुंचने पर जमा भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली देहात में कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव शहवाजपुर के तीनों युवकों के शव शाम गांव में आने पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। गमगीन माहौल में कब्रिस्तान में तीनों के शवों को दफना दिया गया।
थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गाव शहवाजपुर निवासीगण फईमुददीन , शानू और फिरोज अहमद महाराष्टृ के पुणे क्षेत्र के कोडवा में चल रही बैक्स एंड केक्स केकरी मे काम करते थे। बृहस्पतिवार की रात कमरे में सोते समय बेकरी में शार्टशर्किट से आग लग गई। आग लगने से फईमुददीन, शानू व फिरोज की मौत हो गई थी। घटना की सूचना पड़ोसियों ने दमकल अधिकारी व बेकरी मालिक को दी। घटना की सूचना मिलने पर तीनों के शव को लेने परिजन शुक्रवार को पुणे चले गए थे। तीनों शवों का पुणे मे पोस्टमार्टम कराया गया। परिजन तीनों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद अपने गांव लाने की कार्रवाई में जुटे रहे। शनिवार की शाम तीनों के शव को गांव लाए गए। शव गांव में आने पर परिवार में कोहराम मच गया। तीनों शवों को गांव के पास स्थित कब्रिस्तान में दफना दिया। वहीं धामपुर में धामपुर के गांव पृथ्वीपुर बनवारी के एक युवक की पूणे के कोंढवा इलाके में स्थित एक बेकरी में लगी आग की चपेट में आने से मौत हो गई थी। शनिवार देर शाम उसका शव गांव पहुंचने पर कोहराम मच गया। देर रात गांव के ही कब्रिस्तान में शव को दफन कर दिया गया। गौरतलब है कि गांव के मुख्तार अहमद का दूूसरे नंबर का पुत्र मुहम्मद शाकिर ( 19 ) सात आठ माह पहले पूणे में नौकरी करने को गया था। वह वहां एक बेकरी में काम करता था। शुक्रवार को उनके पास पूणे में बेकरी से किसी का फोन आया कि यहां बेकरी में आग लगने से शाकिर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। घटना का पता लगते ही परिजन मृतक का शव लेने पूणे रवाना हो गए थे। प्रधान बाबू मुजफ्फर ने बताया कि पूणे से मृतक का शव दिल्ली तक हवाई जहाज से लाया गया था।