- पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पर पीली चौकी के पास अंडरपास का निर्माण हुआ पूरा
- बिजनौर-कोतवाली के बीच इस हाईवे पर बनाए जाने हैं चार अंडरपास
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/कोतवाली देहात। पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे का एक अंडरपास जून माह के पहले सप्ताह में वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। बिजनौर से कोतवाली के बीच इस हाईवे में चार अंडर पास बनाए जाने हैं, बाकी तीन भी निर्माणाधीन हैं। अगस्त तक तीनों अंडरपास चालू करने की योजना है।
पिछले डेढ़ वर्ष से निर्माणाधीन पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पर राहगीरों को शीघ्र ही धूल और मिट्टी से निजात मिलने वाली है। पीली चौकी के निकट बनाए गए अंडरपास का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त बरुकी तथा महेश्वरी जट स्थित अंडरपास पर भी तेजी से काम चल रहा है। कार्यदाई संस्था के अधिकारियों ने बताया कि पीली चौकी स्थित अंडरपास पर पिछले सप्ताह स्लैब डाल दी गई है। साथ ही कंक्रीट पड़ चुकी है। अगले सप्ताह अंडर पास पर आवागमन शुरू हो जाएगा। पीली चौकी अंडरपास के दोनों ओर सर्विस रोड भी बना दी गई है।
13 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है पूरा
बिजनौर से कोतवाली देहात तक कुल 22 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाना है। 13 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। ओवरब्रिज, अंडर पास तथा छोटी पुलिया का निर्माण कार्य चल रहा है। बरुकी में बन रहे अंडर पास पर भी तेजी से काम चल रहा है। गार्डर बना दिए गए हैं। बरुकी में शीघ्र ही सर्विस रोड बनाई जाएगी। अंडरपास के दोनों ओर सर्विस रोड डाल दी गई है। शीघ्र ही कोतवाली देहात की ओर भी सर्विस रोड डाल दी जाएगी। कोतवाली देहात में बन रहे ओवरब्रिज का कार्य भी तेजी से चल रहा है। नजीबाबाद तिराहा से लेकर नहटौर तिराहे तक बैरियर लगाकर कार्य शुरू कर दिया गया है। ओवर ब्रिज का निर्माण वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना है। कार्यदाई संस्था के अधिकारी ने बताया कि लगभग सड़क का निर्माण पूरा किया जा चुका है। केवल अंडरपास और ओवरब्रिज का निर्माण ही अधूरा है।
शादीपुर में बनेगा टोल प्लाजा
ग्राम शादीपुर में एमपीएस ग्लोबल स्कूल के निकट टोल प्लाजा भी बनाया जाएगा। टोल प्लाजा बनाने के लिए स्थान छोड़ दिया गया है। टोल प्लाजा निर्माण होने वाले स्थान पर सड़क नहीं डाली गई है। बिजनौर से कोतवाली देहात तक नेशनल हाईवे का निर्माण इसी साल मई माह तक पूरा कर लिया जाना था, लेकिन निर्माण में देरी हुई। अभी इसे पूरा करने मेें और भी वक्त लगेगा। बता दें कि इस देरी के चलते ही इसके निर्माण का जिम्मा नेशनल हाईवे की बागपत इकाई से हटाकर मेरठ को सौंपा जा चुका है। उम्मीद है कि अब निर्माण तेजी से हो सकेगा।