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Bijnor News: बिजनौर - 30 को दशहरा, 31 को निर्जला एकादशी

Mon, 29 May 2023 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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- गंगा दशहरा पर बन रहे हस्त नक्षत्र, व्यतिपात, रवि और सिद्ध योग
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- गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से प्राप्त होता है अक्षय पुण्य
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मां गंगा ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हस्त नक्षत्र और दशमी तिथि में स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इसलिए इस दिन धरती पर मां गंगा के अवतरण पर गंगा दशहरा पर्व मनाया जाता है। इस बार 30 मई को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। इससे अगले दिन 31 मई को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। दशहरा पर गंगा स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

पंचांग के अनुसार दशमी तिथि 29 मई को सुबह 11:50 से शुरू होकर 30 मई को दोपहर 1:09 तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार पर्व 30 मई दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र सुबह 4:29 पर से 31 मई को सुबह 6:00 बजे तक रहेगा। व्यतिपात योग 30 मई को रात्रि 8:54 मिनट से 31 मई को रात्रि 8:14 तक रहेगा। इस दिन रवि योग और सिद्ध योग भी रहेगा।
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विद्वानों का कहना है कि इस दिन मां गंगा में स्नान और पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को 10 प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। गंगा पूजन एवं स्नान से अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है। गंगा स्नान के समय तीन बार गंगा में डुबकी लगाते हुए ओम नमो गंगायै विश्वरूपिणी नारायणी नमो नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।
निर्जला एकादशी का व्रत रखने से पूर्ण होती हैं सभी इच्छाएं
गंगा दशहरा के अगले दिन निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, इसमें भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। ज्येष्ठ मास की एकादशी सभी 24 एकादशियों में सबसे उत्तम है। इस दिन व्रत करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और स्वर्ग की प्राप्ति होती है। निर्जला एकादशी व्रत के पूरे दिन ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।
कई विकारों का नाश करती हैं मां गंगा : ललित शर्मा
सिविल लाइन स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पंडित ललित शर्मा ने बताया कि गंगा दशहरा पर निष्कपट भाव से गंगा दर्शन मात्र से ही कष्टों से मुक्ति मिलती है। गंगाजल के स्पर्श से स्वर्ग की प्राप्ति होती है। कलयुग में काम, क्रोध, मद, लोभ, ईर्ष्या आदि अनेकों विकारों का नाश करने में मां गंगा के समान और कोई नहीं है। निर्जला एकादशी के दिन जल या जल से भरे पात्र का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
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शीतलता देने वाली वस्तुओं का करें दान : विजय भारद्वाज
पंडित विजय भारद्वाज का कहना है कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करके अनाज व वस्त्र का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसी दिन मां गंगा का स्वर्ग से धरती पर अवतरण हुआ था। निर्जला एकादशी पर शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुओं का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। क्योंकि इस माह में भीषण गर्मी पड़ती है।
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