अफजलगढ़ के गांव मोहम्मदपुर राजौरी में ट्रैंकुलाइज कर बाघ को ले जाते वन विभाग की टीम। स्रोत वन व
अफजलगढ़ (बिजनौर)। गांव मोहम्मदपुर राजौरी व आसपास के क्षेत्र के लोगों के खौफ का कारण बनी बाघिन शनिवार की देर शाम वन विभाग की पकड़ में आ गई। शुक्रवार को बाघिन को लुभाने के लिए खुले में बांधी गई एक कटिया बांधी गई थी। इसे रात में किसी समय उसने मार डाला। टीम ने ट्रैंक्युलाइज कर बाघिन को पकड़ लिया। उसकी उम्र तीन साल और वजन दो क्विंटल बताया जा रहा है।
कटिया के मारे जाने के बाद वन विभाग की टीम शनिवार को घटनास्थल के आसपास कांबिंग करती रही। देर शाम उसकी लोकेशन माेहम्मदपुर राजौरी के जंगल में ट्रेस हुई। लोकेशन को पुख्ता करने के लिए ड्रोन कैमरों की सहायता ली गई। इसी बीच बाघिन वन विभाग की टीम की रेंज में आ गई। पीलीभीत रेंज से आए ट्रैंक्युलाइज विशेषज्ञ डॉ. दक्ष गंगवार ने बाघिन पर निशाना साधा। इसके बाद बाघिन कुछ दूरी पर बेहोश हो गई। बेहोश बाघिन को पिंजरे में बंद कर दिया गया। इस दौरान वन संरक्षक रमेशचंद्रा, डीएफओ जय सिंह कुशवाहा, एसडीओ ज्ञान सिंह, अंशुमन मित्तल व रेंजर प्रदीप शर्मा मौजूद रहे। टीम बेहोश बाघिन को अमानगढ़ रेंज में ले गई।
मोहम्मदपुर राजौरी के आसपास नजर आ रहा थी बाघिन : करीब 13 दिन पूर्व पीली नदी से रेत लेने गए ग्रामीणों को यह बाघिन नजर आई थी। शुरुआत में वन अधिकारी बाघ के बजाए उसे गुलदार बता रहे थे लेकिन बाद में इसकी पुष्टि हो गई। बाघिन ने एक ग्रामीण की भेड़ पर हमला कर मार डाला था। उसके बाद भी बाघिन अलग-अलग स्थानों पर देखी जाती रही। बीते शुक्रवार को भी उसने एक ग्रामीण की तीन भेड़ पर हमला किया था। इनमें से एक को खींचकर ले गई थी।
तीन साल उम्र, दो क्विंटल भारी है बाघिन : वन अधिकारियों द्वारा मोहम्मदपुर राजौरी से पकड़े गई बाघिन की उम्र तीन वर्ष से ऊपर बताते हुए वयस्क बताया। उसका वजन करीब 2 क्विंटल बताया गया। उसे केहरीपुर स्थित वन रेंज कार्यालय ले जाया गया। जहां चिकित्सकीय परीक्षण होगा।
अफजलगढ़ के गांव मोहम्मदपुर राजौरी में ट्रैंकुलाइज कर बाघ को ले जाते वन विभाग की टीम। स्रोत वन व