पेद्दा कांड में निर्दोषों को नामजद करने के विरोध में कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे हिंदू संगठन के कार्यकर्ता।
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बिजनौर पेद्दा कांड में निर्दोषों को फंसाने का आरोप लगाते हुए शिवसेना के नेतृत्व में हिंदू संगठनों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। प्रशासन को तीन दिन में निर्दोषों के नाम एफआईआर से निकालने का अल्टीमेटम दिया गया। ऐसा न होने पर जिले भर में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई।
धरने को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, हिंदू युवा वाहिनी ने भी समर्थन दिया। भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान ने कहा कि निर्दोष लोगों को सपा सरकार के दबाव में निर्दोष लोगों को नामजद किया है। प्रशासन ने एक नाबालिग छात्र को भी नामजद करने के अलावा अधिवक्ता ऐश्वर्य चौधरी मौसम और कारोबारी अरुण कुमार का नाम भी विवेचना में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर सभी निर्दोषों के मुकदमे चुटकी में हटाए जाएंगे। शिवसेना प्रमुख वीर सिंह ने कहा कि केवल मौजूदगी के आधार पर पुलिस ऐश्वर्य और अरुण को फंसाना चाहती है। बेकसूरों पर हो रहे प्रशासनिक अत्याचार के कारण गांव वाले गांव में नहीं जा रहे हैं। जितेंद्र कुमार जीते ने निर्दोष लोगों के घर दबिश दी जा रही है। ऐसे नाम तीन दिन में नहीं निकाले जाने पर आंदोलन शुरू होगा। धरने की अध्यक्षता कृष्णपाल आर्य व संचालन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग सह संयोजक अंकित कुमार ने किया। किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। धरने में ऐश्वर्य चौधरी के पिता जिला बार के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, अर्पित खन्ना, मोहित राजपूत, ललित मोहन, सुनील राजपूत, धर्मेंद्र सिंह वर्मा, राजीव चौधरी आदि रहे।