बिजनौर। राशन वितरण संबंधी सर्वे करने पहुंची एनजीओ की टीम को फर्जी समझकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले ही लखनऊ से जिले के एक अधिकारी के पास फोन आया तो उन्हें छोड़ दिया गया।
शनिवार को गांव जुड्डी में राशन डीलर राजकुमार के पास पांच लोग पहुंचे, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल रहीं। इन्होंने खुद को लखनऊ से आना बताते हुए राशन वितरण और स्टॉक से संबंधित कुछ सवाल किए। राशन डीलर ने आपूर्ति विभाग की निरीक्षण को जानकारी दी। जानकारी मिलते ही आपूर्ति निरीक्षक विनिता सिंह जुड्डी गांव में पहुंच गईं। आपूर्ति निरीक्षक की ओर से एसडीएम सदर रितु रानी को जानकारी दी गई। एसडीएम सदर भी मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने प्राथमिक जांच में इस टीम को फर्जी मानते हुए कयास लगाया कि राशन डीलर से वसूली के लिए जांच का हवाला दिया जा रहा है। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस को बुलाकर पांचों लोगों को सौंप दिया गया।
शहर कोतवाली में पहुंचकर एसडीएम सदर ने भी उक्त लोगों से पूछताछ की। इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी होने लगी। इस मसले को लेकर आपूर्ति विभाग और एसडीएम सदर थाने में मौजूद रहे। वहीं घटनाक्रम के बीच लखनऊ से जिले के अहम अधिकारी के पास एक फोन आया। इसमें टीम को एनजीओ के कर्मचारी और सर्वे करने की बात कही गई। यह फोन आते ही प्रशासन बैकफुट पर आ गया और पुलिस ने सभी को थाने से छोड़ दिया। उधर थाने में कई राशन डीलर भी मौजूद रहे। टीम में शामिल रही दोनों महिलाएं सीतापुर की रहने वाली निकलीं, जबकि एक युवक कानपुर और अन्य पूर्वी जिलों के निवासी हैं।
एनजीओ की टीम ने प्रशासन को अवगत नहीं कराया था, इसी वजह से थाने लाया गया। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। ...अभय कुमार पांडेय, सीओ सिटी