बिजनौर। बिजनौर से कोतवाली तक नेशनल हाईवे के निर्माण की जिम्मेदारी अब मेरठ इकाई को सौंप दी गई है। अभी तक इस सड़क का निर्माण बागपत इकाई की निगरानी में चल रहा था। निर्माण इकाई में फेरबदल हो जाने के बाद सड़क बनाने का काम तेजी से होने की उम्मीद है। दरअसल पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे का निर्माण मई 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अभी तक महज 12 किमी तक ही सड़क बन सकी है।
बिजनौर में फिलहाल मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे और हरिद्वार काशीपुर नेशनल हाईवे को फोरलेन किया जा रहा है। जबकि बिजनौर से कोतवाली देहात तक 22 किमी लंबी सड़क भी नेशनल हाईवे के तहत बनाई है। यह सड़क पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे का हिस्सा है। बता दें कि मेरठ पौड़ी हाईवे में बिजनौर से नजीबाबाद तक फोरलेन करने का काम तेजी से चल रहा है। उधर बिजनौर से कोतवाली तक सड़क के निर्माण को भी मई 2023 तक पूरा कर लिया जाना था लेकिन इसके निर्माण में देरी हुई। अभी तक केवल 12 किमी लंबी सड़क ही बन सकी है।
इसी बीच पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे के बिजनौर खंड (बिजनौर से कोतवाली) के निर्माण और निगरानी की जिम्मेदारी बागपत इकाई से हटाकर नेशनल हाईवे निर्माण इकाई मेरठ को दे दी गई है। जानकारों का तर्क है कि यह निर्णय बागपत से बिजनौर की दूरी यानि भाैगोलिक स्थिति तथा निर्माण में देरी को देखते हुए लिया गया है।
बाईपास भी है अभी अधूरा
मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे से पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे को जोड़ने के लिए साढ़े तीन किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया जा रहा है। यह पेदा गांव के पास से शुरू होकर बिजनौर काेतवाली मार्ग पर वीकेआईटी कॉलेज के पास जाकर निकल रहा है। इस बाईपास के निर्माण में नसीरी गांव के ग्रामीणों की विरोध के चलते भी देरी हुई। इस बाईपास के बन जाने से नगीना की ओर आने वाले वाहनों को मेरठ जाने के लिए बिजनौर में घुसने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे के पैकेज चार, बिजनौर से कोतवाली खंड को परियोजना क्रियान्वयन इकाई मेरठ को हस्तांतरित किए जाने का पत्र उन्हें मिला है। अभी तक यह जिम्मेदारी बागपत इकाई के पास थी। हो सकता है कि भौगोलिक स्थिति को देखा गया होगा। वहीं निर्माण में देरी भी इस बदलाव का कारण हो सकती है। ...एसके राव, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग