बिजनौर। जिले के पारंपरिक कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि शहरी व ग्रामीण अंचल के लोग अपने परंपरागत कारोबार को आगे बढ़ाए और उद्यमी बनकर अन्य को भी रोजगार उपलब्ध कराएं। इसके लिए उद्योग विभाग बढ़ई, नाई, लोहार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री, हलवाई एवं दर्जी आदि से जुड़े कारीगरों को दस दिवसीय प्रशिक्षण देगा।
प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के पारंपरिक कारीगरों ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1100 लक्ष्य आवंटित किए गए। इसमें ट्रेड से संबंधित कारीगरों को 10 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में कार्य को सफल संचालन के लिए आधुनिकतम तकनीकी पर आधरित, उन्नत किस्म के टूलकिट उपलब्ध कराए जाएंगें। उद्योग उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि लोहार-50, नाई-75, कुम्हार-25 राजमिस्त्री-75, हलवाई- 225, मोची-25 एवं दर्जी-525 ट्रेड सम्मिलित है।