- दो बार हुए सर्वे में उपरिगामी पुल के लिए पर्याप्त नहीं मिली जमीन
- सर्वे पूरा होने के बाद ही उपरिगामी पुल बनाने का भेजा जाएगा प्रस्ताव
नंबर गेम
-18 मीटर चौड़ाई में जमीन उपरिगामी पुल के लिए अनिवार्य
-140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से रेलगाड़ी दौड़ाने की तैयारी
-8 अंडरपास और छह उपरिगामी पुल बिजनौर में बनाने जाने प्रस्तावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। रेलवे लाइन पर उपरिगामी पुल बनाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। बिजनौर में सेंट मेरी फाटक पर उपरिगामी पुल बनाने का दो बार सर्वे हो चुका है। मगर पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है। अब प्रशासन के सहयोग से उपरिगामी पुल बनाने के लिए सर्वे किया जाएगा। सर्वे में अगर प्रशासन जमीन उपलब्ध कराता है तो उपरिगामी पुल का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
जिले में आठ अंडरपास और छह उपरिगामी पुल बनाए जाने प्रस्तावित है। इसके लिए रेलवे के साथ मिलकर सेतु निगम सर्वे कर रहा है। मगर नैय्या पार नहीं लग रही है। बिजनौर में सेंट मेरी फाटक के पास उपरिगामी पुल के लिए जमीन पर्याप्त नहीं है। पुल बनाने के लिए फाटक के पास 18 मीटर चौड़ी जमीन चाहिए। मगर फाटक के पास 12 मीटर से कम जगह है।
जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कम जगह होने से उपरिगामी पुल के निर्माण में अड़चन पैदा हो रही है। उपरिगामी पुल के लिए सेतु निगम और रेलवे विभाग दो बार सर्वे कर चुका है। मगर तीसरी बार प्रशासन, बिजली विभाग, पीडब्लूडी विभाग के मिलकर सर्वे किया जाएगा।
फाटक के आसपास की जमीन का किया जा सकता है अधिग्रहण
सेंट मेरी फाटक के पास उपरिगामी पुल बनाने के लिए पर्याप्त जमीन नहीं है। उपरिगामी पुल बनाने के लिए प्रशासन और पीडब्ल्यूडी जमीन का अधिग्रहण कर सकते हैं। जिसके बाद पुल बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। सर्वे में शामिल होने के बाद ही प्रशासन जमीन अधिग्रहण का कुछ निर्णय ले सकेगा।
सेंट मेरी फाटक पर बनेगा दो लेन उपरिगामी पुल
मिली जानकारी के मुताबिक सेंट मेरी फाटक पर दो लेन का उपरिगामी पुल बनाया जाएगा। दो लेन के उपरिगामी पुल के लिए आसपास जमीन की चौड़ाई 18 मीटर होना अनिवार्य है। उपरिगामी पुल के निर्माण के लिए सेतु निगम की ओर से जल्द ही खाका तैयार जाएगा। पुल में कितना ढाल देना है, कहां से स्लैब बनेंगे। इसकी तैयारी भी चल रही है।
ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने के लिए बन रहे अंडरपास और उपरिगामी पुल
बिजनौर रेलवे लाइन पर रेलगाड़ी की रफ्तार बढ़ाने के लिए अंडरपास और उपरिगामी पुल का निर्माण कराया जा रहा है। बिजनौर रेलवे लाइन पर इस समय रेलगाड़ी 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती है। मगर अंडरपास और उपरिगामी पुल बनने के लिए रेलगाड़ी 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी। अंडरपास और उपरिगामी पुल बनने के बाद फाटक फ्री हो जाएंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
डेढ़ माह में पूरा हो जाएगा अंडरपास का निर्माण
रेलवे विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बिजनौर रेलवे लाइन पर बनाए जा रहे आठ अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अगले डेढ़ माह में सभी अंडरपास बनकर तैयार हो जाएंगे। चांदपुर में दो, बिजनौर में दो, स्वाहेड़ी में दो, नंगली, सल्हापुर में अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा है।
वर्जन::
बिजनौर में सेंट मेरी फाटक के पास उपरिगामी पुल के लिए जमीन पर्याप्त नहीं है। प्रशासन के साथ मिलकर उपरिगामी पुल के लिए तीसरी बार जल्द सर्वे शुरू किया जाएगा। अगर प्रशासन जमीन दिला पाता है तो उपरिगामी पुल का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। अभी पूरी तरह सर्वे नहीं हुआ है - एमएल सागर, सहायक अभियंता, सेतु निगम