- चंदक, झालू, सिकंदरी, चौकपुर बिजलीघर चले, 20 फीडरों में अभी भी ब्रेकडाउन
- अधिकारी और फील्ड स्टाफ बिजली लाइनों में आए ब्रेकडाउन सही करने में जुटा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही बिजलीकर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन व्यवस्था को पटरी पर लाने में वक्त लगेगा। लाइनों के फाॅल्ट ढूंढे जाएंगे। हालांकि जिले के अधिकतर इलाकों में बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है। फिर भी बीस से ज्यादा फीडर चालू नहीं हो पाए हैं। 100 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। ब्रेक डाउन को खत्म करने में 24 घंटे का समय लग सकता है।
रविवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर चल रही हड़ताल खत्म हो गई। आंदोलित कर्मचारियों ने बताया कि ऊर्जा मंत्री ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के साथ विगत 03 दिसम्बर को हुए समझौते के क्रियान्वयन और अन्य मांगों के सार्थक समाधान के आश्वासन पर हड़ताल खत्म हो गई। कहा कि हड़ताल के दौरान बिजली कर्मियों के विरुद्ध हुई समस्त कार्रवाई वापस लेने के लिए चेयरमैन को निर्देश दिए।
विद्युत कर्मियों की हड़ताल व बारिश और तेज हवा ने बिजली आपूर्ति को ध्वस्त कर दिया था। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर काफी बिजलीघरों की आपूर्ति शनिवार देर शाम तक बहाल कर दी थी। विभाग के अनुसार ग्रामीण अंचल में करीब 20 फीडरों में ब्रेक डाउन सामने आए हैं, जिन्हें सही करने में जुटे हुए हैं।
बारिश की वजह से जिला मुख्यालय करीब 17 घंटे कटौती रही। शनिवार शाम तक शहर में आपूर्ति सुचारु हो गई थी, लेकिन शहर के मोहल्ला भरतविहार, महादेवपुरम, शक्तिनगर, चक्कर रोड़ आदि एवं आसपास के क्षेत्र सिकंदरी, झालू, चौकपुरी की बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी। बिजली नहीं होने से इन कालोनियों के लोगों को पानी की परेशानी झेलनी पड़ी। इंन्वेटर आदि ठप होने से और ज्यादा परेशानी हुई। शहर की अच्छी कालोनी में लाइट नहीं आने लोगों ने जनरेटर का सहारा लिया।
तीन दिन से बंद विद्युत आपूर्ति हुई सुचारु
चंदक। तीन दिन से बंद विद्युत आपूर्ति को चलवाने के लिए व्यापारियों और किसानों ने बिजलीघर पहुंचकर बिजली को सुचारु कराया। संयोजक व्यापार समिति चंदक के अध्यक्ष एवं भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि तीन दिन से बिजली की पूर्ण रूप से बंद है। किसान और व्यापारी हित में तहसीलदार सदर अनुराग ठाकुर के निर्देशन में क्षेत्र में फिर से बिजली आपूर्ति सुचारु कराई।
36 घंटे बाद सुचारु हुई बिजली
हल्दौर/झालू। हड़ताल के चलते कस्बा झालू की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। शुक्रवार रात्रि से तेज बारिश चलने से उच्च क्षमता वाले 33 केवी की लाइन में फाल्ट हो गया, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। लोग आपूर्ति सहीं करने को चक्कर लगाते रहे, लेकिन कर्मचारी हड़ताल पर होने की वजह सही नहीं हुआ। बिजलीघर पर लेखपाल व पुलिस मौजूद रही। रविवार को लाइन का फाल्ट आदि सही करके 36 घंटे बाद विद्युत आपूर्ति सुचारु हो गई। उधर हल्दौर नगर व देहात क्षेत्र में स्थित बिजलीघरों से जुड़े नौ गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप रही। इससे विद्युत उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं गांव कड़ापुर बिजलीघर पर संचालित कड़ापुर, ननुपुरा, मंडोरा, मुकरपुर गदई, वाजिदपुर, खेड़ा, बाटपुरा समेत नौ गांवों में रविवार की शाम बिजली आपूर्ति शुरु कर दी।
आपूर्ति सुचारु कराने को दौड़ते रहे अफसर
नगीना/बढ़ापुर। हड़ताल के चलते शनिवार को नगीना व कोतवाली में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। लोगों की शिकायत आने के बाद नगीना में विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बिजली दफ्तर से शटडाउन लेकर वैकल्पिक व्यवस्था में नगरपालिका के विद्युत कर्मचारियों की मदद से लाइन की खामी को दूर कराकर विद्युत व्यवस्था सुचारू कराई। एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने नगीना व कोतवाली में शटडाउन लेकर विद्युत लाइन में खामी को पालिका के विद्युत कर्मचारियों की मदद से ठीक करा कर विद्युत व्यवस्था को सुचारु कराया। बढ़ापुर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति 44 घंटे बाद सुचारु हो गई। बिजली मिल जाने पर उपभोक्ताओं व नागरिकों ने राहत की सांस ली है।
- कोट
बिजनौर शहर और डिवीजन क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं है। तीन बिजलीघरों की लाइनों में ब्रेकडाउन था। फील्ड स्टाफ ने सही कर सभी बिजलीघर व फीडर को सही कर दिया - एके पांडेय, अधिशासी अभियंता बिजनौर।