अफजलगढ़ में गांव अनवरपुर चंडिका के 25 वर्षीय युवक मुजाहिद की दस दिन पूर्व सऊदी अरब में मिट्टी की ढांग के नीचे दबने से मौत हो गई। तभी से उसके शव को वहां केमिकल में प्रिजर्व करके रखा गया है। परिजन लगातार बेटे के शव को देश लाने के लिए प्रयास कर रहे है, लेकिन कागजी खानापूर्ति में दस दिन बीत गए है। गम में डूबे परिजनों ने अब केंद्र सरकार से इसमें सहयोग मांगा है।
गांव के छुन्नु अहमद ने बताया कि उनका पुत्र मुजाहिद 13 अक्टूबर को सऊदी अरब के जिनान में कार्य करने गया था। उन्होंने शेरकोट निवासी एक एजेंट पर आरोप लगाया कि मुजाहिद को दो लाख रुपये लेकर बिन लादेन कंपनी में प्रेस के काम के लिए भेजना तय किया था। मगर, उसको सऊदी अरब में ना तो तयशुदा कंपनी मिली और न ही काम मिला। उसे लेवर के काम पर लगा दिया गया। इसे लेकर मुजाहिद काफी परेशान था।
उन्होने एजेंट से पुत्र को देश बुलवाने को आग्रह किया, लेकिन वह टाल मटोल करता रहा। उनका बड़ा बेटा शाहनवाज भी सऊदी अरब के हलबीला में ही नौकरी करता है। चार नवंबर को उसने सूचना दी कि मुजाहिद की मिट्टी की ढांग ने नीचे दबकर मौत हो गई। इस सूचना से परिवार में कोहराम मच गया।
तभी से बेटे के शव को भारत लाने के लिए प्रयास किए जा रहे है, मगर सफलता नहीं मिली। शाहनवाज ने बताया कि मुजाहिद के शव को केमिकल में प्रिजर्व करके रखा गया है। अभी कागजों की प्रक्रिया के पूरी होने के बाद मृतक को स्वदेश लाया जा सकेगा। अन्यथा सऊदी में ही सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। आरोप है कि कंपनी ने कोई मदद नहीं की है।