बिजनौर/बेगावाला/स्याहोरा। पहाड़ और मैदानी इलाकों में बरसात से जिले में आफतों की बाढ़ है। ब्रह्मपुरी और रावली समेत कई गांव की आबादी में मालन का पानी घुसा हुआ है। खादर में खेतों में बाढ़ का पानी आने से चारे का संकट गहराया हुआ है। वहीं स्योहारा के मंडोरी गांव में लगातार बारिश से एक मकान की छत गिरी तो दबकर एक बुजुर्ग की मौत हो गई। हालांकि गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज हुई है।
रविवार की देर शाम मालन में पानी बढ़ने के कारण मुजफ्फरपुर केशो, बाकरपुर गढ़ी, खानजहांपुर बहादर, रावली और ब्रह्मपुरी कई गांव में पानी घुस गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय रावली में पानी भरा हुआ है। मालन के पानी से मुजफ्फरपुर केशो का संपर्क मार्ग टूट गया है। वहीं रावली रपटे पर तीन फुट पानी चलने के कारण ग्रामीण नाव का सहारा ले रहे हैं। उधर पानी आने के कारण पशुओं को चारे की और ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो गई है।
वहीं, स्योहारा के गांव मंडोरी निवासी राम राज सैनी (65) पुत्र मंगल सिंह अपने घर के बरामदे में बैठे गांव के ही राजवीर से बात कर रहे थे कि तभी अचानक मकान का पूरा लिंटर भर भरा कर उनके ऊपर गिर गया। मलबे में दबकर बुजुर्ग राम राज की मौके पर ही मौत हो गई और राजवीर घायल हो गया। नायब तहसीलदार राजकमल सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है।
- सुबह चार बजे बहाल हुआ यातायात
रविवार की देर शाम 11 बजे बिजनौर-हरिद्वार वाया मंडावर मार्ग पर नई पुलिस लाइन के पास सड़क पर मालन का पानी आ गया था। जिसके चलते वाहनों का आवागमन बंद करना पड़ा। सोमवार की सुबह चार बजे पानी कम हुआ तो यातायात के लिए सड़क को खोला गया।
- गंगा के जलस्तर में गिरावट
सोमवार को बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.10 मीटर रहा जबकि रविवार को 210.40 मीटर बना हुआ था। उधर सोमवार को बिजनौर बैराज से सुबह आठ बजे 55325 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। वहीं हरिद्वार के भीमगौडा बैराज से 55477 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।
- डीएम ने किया रावली बंधे का निरीक्षण
पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद गंगा का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। ऐसे में रावली के पास के इलाकों में जहां जलभराव होने लगा है। वहीं प्रशासन ने निगरानी बढ़ानी शुरू कर दी है। सोमवार को डीएम अंकित अग्रवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद सिंह ने रावली बंधे का निरीक्षण किया। इसके अलावा रावली के पास जलभराव के हालात भी देखे और लोगों से बातचीत की।
- पीली डैम बैराज के खोले गेट, पानी बढ़ने की आशंका
रेहड़। सोमवार को रेहड़ के पीली डैम बैराज के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। बैराज से पानी छोड़े जाने की सूचना पर ग्रामीण भयभीत हैं। बैराज से छोड़ा गए पानी का प्रभाव बनैली नदी में होते हुए भूतपुरी, सुआवाला, रफैतपुर आदि दूसरे गांवों दिखाई देता है। राजेश, अमित, गौरव, महेश, राजपाल आदि ग्रामीणों ने बताया की सिंचाई विभाग ने बैराज के गेट खोले जाने से पहले क्षेत्र में कोई सूचना प्रसारित नही कराई।
उधर अधिशासी अभियंता अवधेश कुमार शर्मा ने बताया की पीली डैम की भंडारण क्षमता 846 फिट है। 15 अगस्त तक 835 फीट पानी का भंडारण करना है। 8 जुलाई को ही 835 फिट हो जाने के कारण अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। साथ ही एसडीएम कार्यालय को पानी छोड़ने की लिखित सूचना दे दी गई है। उन्होंने पूर्व में सूचना नहीं देने के आरोपों को गलत बताया।