कोरोना काल में घट गया चीनी का उठान
बिजनौर। कोरोना काल में चीनी की खपत न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। चीनी मिलों से चीनी का उठान बहुत कम हो गया है। सरकार द्वारा मई के लिए निर्धारित मासिक कोटे से बहुत कम चीनी ही उठी है। चीनी उठान से मिलों की आमदनी प्रभावित हुई है और वे किसानों को गन्ना भुगतान समय से नहीं दे पा रही हैं।
केंद्र सरकार ने चीनी के न्यूनतम दाम 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कर रखे हैं। इससे कम मूल्य पर मिलें चीनी नहीं बेच सकती हैं। इसके अलावा बाजार में चीनी की आवक को नियंत्रित करने के लिए हर महीने चीनी मिलों का बिक्री कोटा भी निर्धारित किया जाता है। कोटे से अधिक चीनी भी नहीं बेची जा सकती है। आमतौर पर चीनी मिलें मासिक कोटे को कम बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग करती हैं और कहती हैं कि इससे ज्यादा चीनी बेचकर वे किसानों को जल्दी भुगतान दे सकती हैं लेकिन अब लॉक डाउन में चीनी की खपत बहुत कम हो गई है। जिले से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब व दक्षिण भारत के राज्यों को चीनी जाती है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगभग पूरे देश में ही लॉक डाउन लगा है। ऐसे में लोग खानपान में चीनी का परहेज कर रहे हैं। इसके अलावा होटल, ढाबे, चाय की दुकान, आइसक्रीम बेचने वालों आदि के यहां भी चीनी की बहुत खपत होती है। ये सब बंद होने से भी चीनी का उठान बहुत कम रह गया है। पिछले महीने जिले का कोटा 69 हजार क्विंटल रखा गया था। लॉकडाउन लगा न होने की वजह से तब भी उठान कम हुआ था। इस महीने लॉक डाउन लगा होने की वजह से उठान बहुत कम रह गया है।
बहुत कम हो रहा चीनी उठान: परोपकार सिंह
बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार चीनी का उठान बहुत कम हो गया है। उठान कम होने से परेशानी उठानी पड़ रही है। जो भी चीनी बिकती है उससे किसानों का भुगतान किया जाता है।
बहुत कम बिक पाई चीनी: राहुल चौधरी
बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार मई का कोटा 30 हजार क्विंटल से अधिक था लेकिन मुश्किल से 23 हजार क्विंटल ही चीनी बिकी है। चीनी का उठान कम हो रहा है।