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डीएम को सौंपा मालन को निर्मल बनाने का जिम्मा

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डीएम को सौंपा मालन को निर्मल बनाने का जिम्मा
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बिजनौर। जनसहयोग से शुरू हुआ अमर उजाला का अभियान ‘मालन मांगे अविरल धारा’ सरकार के एजेंडे तक पहुंच गया। दो दिवसीय दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम उमेश मिश्रा को मालन नदी के पुनरोद्धार का जिम्मा सौंपा। साथ ही मालन को सरकार के एजेंडे में शामिल करने की बात कही। अब पहले चरण में मालन भरत वन से रावली तक नदी का स्वरूप लेगी।
मुख्यमंत्री के दो दिवसीय दौरे के जहां अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं, वहीं मालन के पुनरोद्धार को इस दौरे ने और रफ्तार दे दी। चार माह पहले याद करें तो मालन नदी नाले से ज्यादा नहीं थी। हल्दूखाता से जिले की सीमा में प्रवेश करने वाली मालन जैसे-जैसे आगे बढ़ी, अतिक्रमण ने इस नदी से उसका स्वरूप ही छीन लिया। हालात यह हो गए थे, कि यह केवल नाला बनकर रह गई। तीन मई को डीएम उमेश मिश्रा ने अपने अधिकारियों के साथ हवन पूजन के साथ इसके पुनरोद्धार की शुरूआत मंडावर रोड स्थित पुल से की। बिना किसी सरकारी मदद के यहां पर जन सहयोग से खोदाई शुरू हुई और एक के बाद एक लोग इस अभियान से जुड़ते गए। वर्तमान में मंडावर रोड स्थित मालन के पुल के दोनों ओर यह नदी अपने स्वरूप में नजर आने लगी है। पहले राज्यपाल ने इस अभियान की प्रशंसा की तो वहीं शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ भी सबसे पहले मालन में जल चढ़ाने पहुंचे। यही नहीं डीएम उमेश मिश्रा को मालन के पुनरोद्धार के लिए हर मदद का आश्वासन दिया। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि सीएम ने मालन के पुनरोद्धार को और गति देने को कहा है। अब इस पर और तेजी से काम किया जाएगा।
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पहले चरण में पुल से रावली तक होगी खोदाई
डीएम ने बताया कि अब मालन के पुनरोद्धार के लिए खोदाई कराने की रणनीति भी तैयार हो गई है। पहले चरण में मंडावर रोड स्थित पुल से रावली में गंगा तक मालन को अतिक्रमण मुक्त कराकर खोदाई कराई जाएगी। फिलहाल यह कार्य जनसहयोग से ही कराया जाएगा।
दूसरे चरण में नजीबाबाद से शुरू होगा काम
पहले चरण का काम पूरा होने के बाद मालन नदी को नजीबाबाद से मंडावर रोड स्थित पुल तक नदी स्वरूप में लाया जाएगा। इसके लिए भी पूरा मैप तैयार हो रहा है। साथ ही नजीबाबाद और बिजनौर तहसीलों को मालन का हर जगह कितना रकबा है, इसके आंकड़े जुटाकर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
बाढ़ की विभिषिका से मिलेगी मुक्ति
बरसात के दिनों में हर साल मालन में बाढ़ से सैकड़ों किसानों की फसलें डूब जाती हैं। ऐसे में जब नदी अपने स्वरूप में लौटेगी तो किसानों को बाढ़ से मुक्ति मिल जाएगी। बाढ़ से बचाने के लिए मालन के किनारे के तटबंध मजबूत किए जा रहे हैं।
पौधरोपण से पर्यावरण को मिलेगी संजीवनी
मालन किनारे भरत वन की स्थापना की जा चुकी है और इसमें हजारों पौधे लगा दिए गए हैं। इसके अलावा अब मालन किनारे तैयार हो रहे तटबंध पर भी पौधरोपण किया जाएगा। इससे आने वाले समय में यह नदी दोनों ओर से घने जंगल से घिरी नजर आएगी। इससे जहां अतिक्रमण तो रुकेगा ही, साथ ही पर्यावरण संरक्षण भी होगा।
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संकल्प लिया है तो पूरा करेंगे : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि हमने मालन के पुनरोद्धार का संकल्प लिया है। सीएम के दौरे के बाद यह संकल्प और मजबूत हो गया है। इस ओर तेजी से काम किया जाएगा और मालन का पूरा पुनरोद्धार किया जाएगा।
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