पुलिस ने बिना मुकदमा दर्ज किए दोपहर में तीन बजे ही एसआई सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी राजीव कुमार व महिला आरक्षी अन्नू को युवती के परिजनों संग युवती की बरामदगी के लिए भेज दिया।सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किस बात की जल्दी थी पुलिस को कि मुकदमा दर्ज नहीं किया और टीम रवाना कर दी। पुलिस ने आरोपी युवक दीपक व किशोरी को अंबाला से गिरफ्तार कर लिया था।
रात्रि में उपनिरीक्षक सुनील कुमार सीधे थाने आने की जगह युवक युवती व युवती के चार परिजनों सहित अपने घर शामली रुक गये थे। जहां आरोपी दीपक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। विभागीय जांच हुई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। अधिकारियों ने थानाध्यक्ष के ऑफिस की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पूरा मामला खुल कर सामने आया।
बताया जा रहा है कि रविवार की दोपहर एक यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष के साथ लड़की के परिजन थाने पहुंचे थे, जिनके तहरीर सौंपने के कुछ देर के बाद ही दरोगा लड़की के परिजनों को संग लेकर बरामदगी के लिए निकल गए थे। उन्होंने यह भी नहीं प्रयास नहीं किया कि पहले रिपोर्ट ही दर्ज कर ली जाए।
थानाध्यक्ष द्वारा बिना मुकदमा दर्ज किये बिना ही टीम को युवक युवती की बरामदगी के लिए भेज दिया गया था। दिन में 12 बजे युवती के परिजनों ने तहरीर दी थी मगर मुकदमा रात्रि में 12:15 पर दर्ज किया गया है। बिना मुकदमा दर्ज किये टीम रवाना करना बहुत बड़ी लापरवाही है। जिस कारण थानाध्यक्ष पर भी निलंबन की गाज गिरी है। -धर्म सिंह मार्छाल, एसपी पूर्वी धामपुर