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Bijnor: पुलिस टीम की रवानगी के नाै घंटे बाद दर्ज हुई रिपोर्ट, आखिर किस बात की थी जल्दी, उठे कई सवाल?

Tue, 15 Oct 2024 03:56 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर

सार

दरोगा के घर आत्महत्या करने वाले बिजनाैर निवासी युवक की माैत हत्या और आत्महत्या के बीच उलझती नजर आ रही है।
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मृतक दीपक व दरोगा जो प्रेमी युगल को ले गया था घर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दरोगा के घर आत्महत्या करने वाले बिजनाैर निवासी युवक की माैत हत्या और आत्महत्या के बीच उलझती नजर आ रही है। वहीं पुलिस नाै घंटे तक मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकी।

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जनरल डायरी के बिना पुलिस एक कदम भी नहीं रख सकती लेकिन स्योहारा पुलिस ने जीडी को दरकिनार कर जनपद ही नहीं बल्कि राज्य की सीमा को भी लांघ दिया। पुलिस ऐसी जल्दबाजी में रही कि रिपोर्ट दर्ज हुए बिना रवाना हो गई। इतना ही नहीं रवानगी के नाै घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज हो सकी।

शनिवार को एक गांव निवासी किशोरी(17) को पड़ोसी गांव मुंडाखेड़ी निवासी दीपक पुत्र अरविन्द बहला-फुसला कर ले गया था। रविवार की दोपहर 12 बजे युवती के परिजनों ने थाने में आकर युवक के विरुद्ध तहरीर देकर किशोरी की बरामदगी की गुहार लगाई थी।

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पुलिस ने बिना मुकदमा दर्ज किए दोपहर में तीन बजे ही एसआई सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी राजीव कुमार व महिला आरक्षी अन्नू को युवती के परिजनों संग युवती की बरामदगी के लिए भेज दिया।सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किस बात की जल्दी थी पुलिस को कि मुकदमा दर्ज नहीं किया और टीम रवाना कर दी। पुलिस ने आरोपी युवक दीपक व किशोरी को अंबाला से गिरफ्तार कर लिया था।

रात्रि में उपनिरीक्षक सुनील कुमार सीधे थाने आने की जगह युवक युवती व युवती के चार परिजनों सहित अपने घर शामली रुक गये थे। जहां आरोपी दीपक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। विभागीय जांच हुई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। अधिकारियों ने थानाध्यक्ष के ऑफिस की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पूरा मामला खुल कर सामने आया।
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बताया जा रहा है कि रविवार की दोपहर एक यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष के साथ लड़की के परिजन थाने पहुंचे थे, जिनके तहरीर सौंपने के कुछ देर के बाद ही दरोगा लड़की के परिजनों को संग लेकर बरामदगी के लिए निकल गए थे। उन्होंने यह भी नहीं प्रयास नहीं किया कि पहले रिपोर्ट ही दर्ज कर ली जाए।

थानाध्यक्ष द्वारा बिना मुकदमा दर्ज किये बिना ही टीम को युवक युवती की बरामदगी के लिए भेज दिया गया था। दिन में 12 बजे युवती के परिजनों ने तहरीर दी थी मगर मुकदमा रात्रि में 12:15 पर दर्ज किया गया है। बिना मुकदमा दर्ज किये टीम रवाना करना बहुत बड़ी लापरवाही है। जिस कारण थानाध्यक्ष पर भी निलंबन की गाज गिरी है। -धर्म सिंह मार्छाल, एसपी पूर्वी धामपुर
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