बिजनौर में सपा की बागी विधायक रुचिवीरा खेमे के सात सपा नेताओं को सपा से निष्कासित कर दिया है। इन नेताओं पर ब्लाक प्रमुख के चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ बगावत करने का आरोप है। जिला पंचायत के चुनाव के बाद सपाइयों पर दूसरी बार हाईकमान की गाज गिरी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बगावत का बिगुल बजाने के बाद विधायक रुचिवीरा को सपा विधायक दल से निष्कासित कर दिया था। रुचिवीरा के पति उदयनवीरा, पूर्व सांसद यशवीर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जमील अहमद अंसारी, नगीना के चेयरमैन शेख खलीलुर्रहमान को भी पार्टी से निष्कासित किया गया था। रुचिवीरा के पति उदयनवीरा के चुनाव जीतने से इस खेमे के हौसले बुलंद हैं। हालांकि पार्टी से निष्कासित हुए नेताओं को संभावना थी कि बाद में उन्हें पार्टी में वापस ले लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उधर, विधायक रुचि वीरा खेमा ब्लाक प्रमुख के चुनाव में कूद पड़ा है। सात सीटों पर रुचिवीरा ने निर्दलीय प्रत्याशियों को अपना समर्थन दे रखा है। सपा के कई नेता भी रुचिवीरा के साथ चुनाव मैदान में हैं।
इस कारण सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने इसकी शिकायत हाईकमान को की थी। शनिवार को सपा जिलाध्यक्ष ने डाक बंगले पर आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष सैफ जाफरी ,सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष शेख जरीनुद्दीन, सपा प्रदेश कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य खुशनूद खां, सपा मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष लियाकत अली, सपा नगर अध्यक्ष झालू सिकंदर आलम, पूर्व विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष बिजनौर प्रमोद प्रधान व पूर्व जिला प्रवक्ता दिलशाद अंसारी को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के साथ अनुशासनहीन आचरण के कारण पार्टी से निष्कासित किया गया है। प्रेस वार्ता में सपा नेता राशिद हुसैन, शेख मोहम्मद आबिद, काजी जियाउर्रहमान, कमलेश भुइयार, उदल सिंह समेत तमाम नेता मौजूद रहे।
वाहन से झंडे न उतारने पर होगी रिपोर्ट दर्ज
सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव के मुताबिक विधायक रुचिवीरा व उनके खेमे के नेता व कार्यकर्ताओं ने अगर अपने घर व वाहनों से सपा के झंडे व बैनर नहीं उतारे तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अधिकतर प्रत्याशी निर्विरोध चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि गांव मोबिनपुर दरगो में बीडीसी सदस्य सरोज देवी व उनके पति ब्रह्मपाल सिंह को अगवा करने के मामले में विधायक रुचिवीरा समेत जिन 24 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। इस मामले में जल्द कार्रवाई होगी।
‘सपा नेताओं ने पैसे लेकर दिए टिकट’
बिजनौर। सपाइयों पर दूसरी बार हाईकमान की गाज गिरी है। बागी विधायक रुचिवीरा खेमे के सात सपा नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बगावत का बिगुल बजाने के बाद विधायक रुचिवीरा को सपा विधायक दल से निष्कासित कर दिया था। रुचिवीरा के पति उदयनवीरा, पूर्व सांसद यशवीर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जमील अहमद अंसारी, नगीना के चेयरमैन शेख खलीलुर्रहमान को भी पार्टी से निष्कासित किया गया था। रुचिवीरा के पति उदयनवीरा के चुनाव जीतने से इस खेमे के हौसले बुलंद हैं। हालांकि पार्टी से निष्कासित हुए नेताओं को संभावना थी कि बाद में उन्हें पार्टी में वापस ले लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उधर, विधायक रुचि वीरा खेमा ब्लाक प्रमुख के चुनाव में कूद पड़ा है। सात सीटों पर रुचिवीरा ने निर्दलीय प्रत्याशियों को अपना समर्थन दे रखा है। सपा के कई नेता भी रुचिवीरा के साथ चुनाव मैदान में हैं। इस कारण सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने इसकी शिकायत हाईकमान से की थी। हाईकमान ने सात सपा नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने के आदेश दिए। शनिवार काे सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने प्रेसवार्ता कर सपाइयों के निष्कासित होने की जानकारी दी। सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव के मुताबिक ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अधिकतर प्रत्याशी निर्विरोध चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि गांव मोबिनपुर दरगो में बीडीसी सदस्य सरोज देवी व उनके पति ब्रह्मपाल सिंह को अगवा करने के मामले में विधायक रुचिवीरा समेत जिन 24 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। इस मामले में जल्द कार्रवाई होगी।