पहाड़ों पर बारिश से खादर में बढ़ा गंगा का जलस्तर
मंडावर। पहाड़ों पर बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। गांव कोहरपुर के खेतों में गंगा का पानी भर गया है। गंगा की धारा में बहुत तेज गति से पानी बह रहा है। पानी की गति और बढ़े जलस्तर को देखते हुए गांव वाले दहशत में हैं। गांव वालों ने गंगा पार पशुओं के लिए चारा लेने जाना बंद कर दिया है। गांव वालों को गंगा का जलस्तर कम होने का इंतजार है।
पहाड़ों पर बरसने वाला पानी गंगा व मालन के जरिये मैदान में आकर तबाही मचाता है। जिले में गंगा किनारे दो दर्जन गांव बसे हुए हैं। पहाड़ों पर बारिश होने से गंगा का जलस्तर कई दिन से बढ़ा हुआ चल रहा था। बढ़े हुए जलस्तर की चपेट में आकर गांव मोहिदीनपुर निवासी जैद पिछले सप्ताह गंगा में डूब गया था। मंगलवार को जलस्तर और ज्यादा बढ़ गया है। गंगा की धारा में पहले जो बीच में टापू या खाली जमीन दिखाई देती थी वह अब नहीं दिख रही है। दूर तक गंगा में पानी ही पानी नजर आ रहा है। खादर में बसे गांव के किसानों के पशुओं का चारा लेने के लिए गंगा पार जाते हैं। गांव वाले या तो नाव से जाते हैं या जहां गंगा की धारा पतली होती है वहां पर किसान पशुओं का चारा लेने के लिए पैदल ही गंगा के पानी के बीच में से चले जाते हैं। मंगलवार को बढ़े जलस्तर के बाद गांव वाले अब पशुओं का चारा लेने के लिए नहीं जा रहे हैं। दो साल पहले अगस्त में ही नाव से पशुओं का चारा लाने के दौरान गंगा में नाव डूब गई थी। इसमें कई महिलाएं डूब गईं थी। अब गांव वालों को गंगा की धारा में पानी कम होने का इंतजार है। गांव वालों का कहना है कि जब तक जलस्तर कम नहीं होगा वे गांव की ओर के खेतों में से किसी तरह पशुओं के चारे की व्यवस्था करेंगे। गनीमत यह है कि गंगा की धारा ने अभी खेतों या गांवों की ओर कटान करना शुरू नहीं किया है। अगर गंगा ने कटान किया तो गांव वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।