बिजनौर। जिले में औद्योगिक विकास की गति तेज होने वाली है। प्रशासन ने जिले की बिजनौर, नजीबाबाद और धामपुर तहसीलों में औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन चिह्नित कर उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (यूपीडा) को प्रस्ताव भेजा था। पहले चरण में यूपीडा की टीम ने निरीक्षण कर बिजनौर तहसील की जमीन को अपने लिए उपयुक्त माना था। अब इसी माह के अंत तक औद्योगिक गलियारे को लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की उम्मीद जताई जा रही है।
यूपीडा की टीम ने हाल ही में बिजनौर तहसील के सात गांवों में औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित जमीन का भौतिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में यूसुफाबाद, पपवार खुर्द, खाना पट्टी, गजरौला अचपल, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, उलकपुर और मुंढाला गांवों में लगभग 1000 हेक्टेयर जमीन को औद्योगिक विकास के लिए उपयुक्त पाया गया। यह जमीन एक एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) के विकास के लिए लक्षित है।
नजीबाबाद और धामपुर तहसीलों की स्थिति
हालांकि, नजीबाबाद तहसील में आम के बागों की बहुतायत के कारण वहां चिह्नित जमीन को औद्योगिक गलियारे के लिए अनुपयुक्त माना गया है। धामपुर तहसील में भी जमीन चिह्नित की गई है, और कुल 1734.897 हेक्टेयर भूमि की पहचान की गई है, जिसमें से अधिकांश कृषकों के स्वामित्व में है। प्रशासन की योजना लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने की है।
रोजगार और आर्थिक विकास की उम्मीदें
प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के निर्माण से जिले में रोजगार के नए अवसर खुलने की प्रबल उम्मीद है। यह न केवल स्थानीय युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि जिले की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के औद्योगिक विकास से क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और समग्र आर्थिक परिदृश्य में सुधार होगा।
अंतिम मुहर लगने का किया जा रहा इंतजार
यूपीडा द्वारा भूमि निरीक्षण और शुरुआती आकलन के बाद, अब इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह उम्मीद की जा रही है कि इसी माह इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे, जिससे बिजनौर में औद्योगिक विकास की नई सुबह का मार्ग प्रशस्त होगा। यह परियोजना जिले के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।
जो जमीन चिह्नित की गई थी, उसका निरीक्षण करा दिया गया है। इस पर फैसला यूपीडा को लेना है। आगे की प्रक्रिया के लिए यूपीडा की ओर से ही गतिविधियां की जानी है। - अंशिका दीक्षित, एडीएम प्रशासन, बिजनौर