अध्यक्ष के ऊपर से हटेगा सदस्यों का दबाव
बिजनौर। राज्य सरकार आगामी त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष का चुनाव ग्राम प्रधान की तर्ज पर सीधे जनता से कराने की कवायद शुरू कर दी है। केंद्रीय पंचायती राज अधिनियिम में संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। सत्तादल हो या अन्य राजनेता सभी सरकार के इस निर्णय को सही ठहरा रहे हैं। ये मानते है कि सरकार के इस निर्णय से सदस्यों की ब्लैकमेलिंग पर लगाम लगेगी। अध्यक्ष अपनी मर्जी से खुलकर विकास कार्य करा सकते हैं। उनके ऊपर से सदस्यों का दबाव पूरी तरह हट जाएगा।
राज्य सराकर काफी समय से जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत का चुनाव सीधे जनता से कराने पर विचार कर रही है। अब तक दोनों जगह सदस्य अध्यक्ष का चुनाव करते थे। सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए चुनाव लड़ने वाले करोड़ों रुपये खर्च करते थे। चुनाव को लेकर खूब मारामारी रहती थी। जो ज्यादा पैसा देते थे, सदस्य उसकी नैया ही पार करते थे। सदस्यों का विकास कार्यों में भी पूरा दखल रहता था। सरकार ने जनता से सीधे चुनाव कराने के लिए केंद्रीय पंचायती राज अधिनियम में संशोधन करने को केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
खरीद फरोख्त पर लगेगी लगाम
जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप चौधरी के मुताबिक जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत का चुनाव सीधे जनता से कराने पर दोनों जगह सदस्यों की खरीद फरोख्त पर लगाम लगेगी। चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष होंगे। सदस्यों की ब्लैकमेलिंग पूरी तरह खत्म हो जाएगी। अध्यक्ष अपनी मनमर्जी से काम करा सकेंगे। सदस्यों का उन पर कोई दबाव नहीं रहेगा।
ब्लाक और जिला पंचायत से भ्रष्टाचार होगा खत्म
पूर्व मंत्री व सपा के वरिष्ठ नेता स्वामी ओमवेश के मुताबिक दोनों चुनाव सीधे जनता से कराने से भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगेगी। सदस्य जो दबाव बनाते थे वह नहीं बनाएंगे। अध्यक्ष खुलकर काम कर सकेंगे।
सदस्यों का दबाव नहीं रहेगा
नगीना के सपा विधायक मनोज पारस के मुताबिक सरकार के इस निर्णय से भ्रष्टाचार के साथ सदस्यों का दबाव खत्म होगा। लेकिन इस चुनाव से आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा। कोरोना से वैसे ही बोझ बढ़ा है । चुनाव से ओर ज्यादा बढ़ जाएगा।
अध्यक्ष अपनी मर्जी से कराएंगे कार्य
भाजपा के पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के मुताबिक सरकार का यह अच्छा निर्णय है। दोनों जगह से भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। सदस्य जो अब तक करते आए हैं, वह नहीं होगा। दोनों जगह अध्यक्ष अपनी मर्जी से खुलकर विकास कार्य करा सकेंगे।
अध्यक्ष की ताकत बढ़ेगी
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उदयनवीरा के मुताबिक जनता से सीधे चुनाव होने से जिला पंचायत अध्यक्ष की ताकत बढ़ेगी। सांसद की तरह उनका रुतबा रहेगा। पूरे जिले में वे खुलकर काम करा सकेंगे। सदस्यों का दबाव व उनकी ब्लैकमेलिंग खत्म हो जाएगी। अध्यक्ष को इनसे आजादी मिलेगी।