मंडावर/अफजलगढ़। मंडावर थाना क्षेत्र के गांव खैरपुर शहबाजपुर और अफजलगढ़ के गांव जयनगर में सर्पदंश से वृद्धा और युवक की मौत हो गई। दोनों के परिजन शुरुआत में झाड़-फूंक के चक्कर में लगे रहे लेकिन सुधार नहीं होने पर अस्पताल ले गए। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
मंडावर के गांव खैरपुर शहवाजपुर निवासी रेखा (60) पत्नी सुरेश की रविवार सुबह करीब छह बजे पशुओं को चारा डालने गईं थीं। चारा मशीन के पास रखे भूसे के बोरों में छिपे कोबरा सांप ने महिला को काट लिया। परिजन उन्हें अस्पताल लाने के बजाए झाड़-फूंक करने वाले के पास ले गए। हालत में सुधार न होने पर बिजनौर जिला अस्पताल लेकर आए। यहां उनकी मौत हो गई।
अफजलगढ़ के गांव जयनगर में दीपक कुमार (19) पुत्र शिवनंदन सिंह शनिवार की सुबह अपने खेत पर गन्ने की निराई करने के लिए गया था। निराई करते समय उसे सांप ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर उसने परिजनों को बताया। वे पहले उसे उपचार के लिए नजीबाबाद के पास किसी गांव में झाड़-फूंक करने वाले के पास ले गए। वहां हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद युवक को रात में उत्तराखंड के बाजपुर और फिर हल्द्वानी के अस्पताल ले जाया गया। वहां रात में चिकित्सक ने दीपक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की मौत से परिजनों में शोक छा गया।
एंटी स्नेक वेनम एकमात्र इलाज
अफजलगढ़ सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सर्वेश निराला ने बताया कि सर्पदंश का एकमात्र उपचार एंटी स्नेक वेनम है। सीएचसी-पीएचसी पर पर्याप्त एंटी स्नेम वेनम उपलब्ध है। सांप के काटने पर घबराएं नहीं बल्कि तत्काल रोगी को नजदीकी सीएचसी-पीएचसी पर ले जाकर उपचार कराएं।
बारिश के मौसम में सक्रिय हो रहे सांप
वन विभाग क्षेत्राधिकारी बिजनौर महेश गौतम ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप अधिक सक्रिय हो जाते हैं। सांप के काटने पर किसी भी झाड़-फूंक या पारंपरिक इलाज पर निर्भर न रहें। मरीज को तुरंत जिला अस्पताल ले जाकर उपचार कराना चाहिए, ताकि जान बचाई जा सके। उन्होंने बताया कि पीलीभीत से आई वन विभाग की टीम भी क्षेत्र में गुलदार और सांपों के बारे में लोगों को जागरूक करने में लगी हुई है। अधिकारियों ने बारिश के मौसम में सावधानी बरतने और सांप दिखने पर वन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी है।