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ग्राम घासीवाला से मध्य गंगा बैराज रास्ते की 50 साल से नहीं हुई मरम्मत

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बिजनौर के गांव घासीवाला से मध्य गंगा बैराज जाने वाला खस्ताहाल रास्ता। - फोटो : BIJNOR
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रास्ता बदहाल, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
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बिजनौर। गांव घासीवाला से मध्य गंगा बैराज को जाने वाला रास्ता बदहाल है। रास्ते की 50 साल से मरम्मत नहीं हुई है। ग्रामीण शासन तक गुहार लगा चुके हैं। करीब एक दर्जन गांव के लोग रोजी रोटी कमाने जाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से आक्रोशित हैं।
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घासीवाला, धर्मनगरी, इटावा, अमीरपुर दास, चांदपुर फेरू आदि गांवों के लोगों का मुख्य पेशा खेती है। इन गांवों में अधिकांश लघु तथा मध्यम किसान है। किसानों की खेती बाडी मध्य गंगा बैराज के आसपास है। किसान नीलाद्री मजूमदार, बसंत मंडल, निर्मल पाल, मुकुल हलदर, भूजन सरदार आदि के अनुसार ग्राम घासीवाला से मध्य गंगा बैराज तक जाने वाला रास्ता क्षतिग्रस्त है। जगह जगह गहरे गड्ढे हैं। बरसात में रास्ता ज्यादा खराब हो जाता है। किसानों को खेतों तक जाने का एक मात्र यही रास्ता है। खादर में बींड, पूला, चारा लेने के लिए मजदूर इसी रास्ते से जाते हैं। मनोरंजन कुमार, सुधीर, दिगनाथ, हीरोलाल आदि ने वर्ष 2007 में शासन को रास्ता पक्का कराने को पत्र लिखा। प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग से खर्च का आकलन कराया था। इसके बाद कुछ नहीं हुआ। सांसद तथा विधायकों से लगातार गुहार की जा रही है। इस बारे में मौजूदा शहर विधायक को मार्च 2018 में पत्र दिया गया है। किसानों का कहना है कि उनके सामने आंदोलन ही एक रास्ता है। ग्रामीणों को जागरूक करने को बैठक शुरू की हैं। इसके बाद व्यापक स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा।

किसान नीलाद्री मजूमदार।- फोटो : BIJNOR

मनोरंजन कुमार।- फोटो : BIJNOR

कृष्णापद पाल।- फोटो : BIJNOR

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