पर्याप्त धन न मिलने से थमी विकास कार्यों की रफ्तार
धामपुर। धनाभाव के चलते नगर पालिका परिषद धामपुर के विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। एक माह पहले पालिका ने करीब दस करोड़ की लागत से सौ से ज्यादा विकास कार्य कराने को सदन में प्रस्ताव पास कर धन आवंटन को सरकार को भेजे थे। जिसके सापेक्ष 15 वें वित्त आयोग की प्रथम किश्त में लगभग सवा करोड़ी धनराशि अवमुक्त हो सकी है। पालिका सदस्यों का कहना है कि इतनी कम राशि में वह नगर का विकास को कैसे गति दे सकते है। सदस्यों ने सरकार से पर्याप्त धन आवंटन की मांग उठाई है।
धामपुर नगर पालिका की आबादी साल 2011 के अनुसार करीब 55000 से अधिक की आबादी है। जो अब बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई है। बोर्ड की मंशा है कि पालिका को प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं में एक मॉडल पालिका के रूप में विकसित किया जाए। लेकिन जब पास प्रस्ताव के अनुरूप पर धन का आवंटन नहीं हो पा रहा है। तो पालिका बोर्ड विकास को गति कैसे दे। नगीना चौक स्थित महात्मा ज्योतिबा फूले पार्क का सौंदर्य करण का भी कार्य अधर में लटका है। डंपिंग मैदान पर कूड़ा निस्तारण प्लांट को लगाने का कार्य गति पर था। उस पर भी विराम लगता नजर आ रहा है।
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कोरोना की वजह से रफ्तार थमी : पालिकाध्यक्ष
पालिकाध्यक्ष राजू गुप्ता का कहना है कि बोर्ड का काम नगर के विकास के प्रस्ताव पास कर धन आवंटन को सरकार को भेजना है। जो धन सरकार से मिल रहा है। उस धन से उन्हीं कार्यों को पहले कराने का प्रयास किया जा रहा है। जो ज्यादा जरूरी है। विकास की गति करोना के चलते पालिका की आमदनी में आई भारी गिरावट से धीमी हुई है।
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सीमित बजट में दी जा रही अधिक सुविधाएं
पालिका सदस्य फरीद का कहना है कि सरकार से जिस हिसाब से विकास के लिए धन आवंटन होना था। उतना नहीं हुआ। ऐसे में विकास बोर्ड के लिए चुनौती है। फिर भी प्रयास जारी है।
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धन आवंटन होते ही तेजी से होगा विकास कार्य
पालिका के नामित सदस्य राकेश चौधरी का कहना है कि वह धन आवंटन की मांग को लेकर प्रयास कर रहे है। अपेक्षानुरूप धन का आवंटन होते ही विकास कार्यों को और तेजी से गति मिलेगी।
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महत्वपूर्ण को कार्यों को दी जा रही प्राथमिकता
सदस्य आफताब अहमद का कहना है कि धन का आवंटन कम हो रहा है। जिससे जो महत्वपूर्ण कार्य हैं उन्हें प्राथमिकता से कराने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा ही रिहान शेख, जितेंद्र गोयल, सुरेंद्र बॉबी का भी कहना है।