बिजनौर में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रांतीय संगठन के आहवान पर शिक्षकों व कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने कलक्ट्रेट में धरना देकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से अविलंब पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। मंच की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम सदर को पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए एकसूत्री मांग पत्र सौंपा गया। जल्द ही मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।
शिक्षक , अधिकारी, कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार, जिला संरक्षक अर्जुन सिंह, देशराज सिंह, प्रशांत चौधरी के नेतृत्व में शिक्षक व कर्मचारी कलक्ट्रेट में एकत्रित हुए तथा धरना देकर बैठ गए। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र पाल मलिक ने सरकार से पुरानी पेंशन बहाल कराने की जोरदार मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षकों व कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नहीं दे सकती तो एम पी व एमएलए की पेंशन भी समाप्त कर दे। जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव ने पुरानी पेंशन के लिए आरपार की लड़ाई में साथ देने को कहा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों व कर्मचारियों के 19 संगठन एक मंच पर आ गए हैं। यदि सरकार अब भी नहीं चेती तो इसका खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष महेश चंद्र शर्मा ने शिक्षकों व कर्मचारियों की लडाई को मजबूती के साथ लड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन अब हर हालत में लेकर रहेंगे। इस मौके पर कई वक्ताओं ने सरकार को खूब खरी खोटी सुनाई। कर्मचारियों ने 29 से 30 अगस्त तक कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी। मंच की ओर से एसडीएम सदर को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए एक सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। देशराज सिंह, सुहेल अख्तर बेग व राजेंद्र सिंह के संयुक्त संचालन में आयोजित सभा में सिंचाई संघ के शूरवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, सलीमुद्दीन, कुलदीप सिंह, वेतन भोगी के भगीरथ सिंह, राहुल राठी, अरविंद चौधरी, लता चौधरी, पी सी चक्रवर्ती, करूणा आर्य, संजुला देवी, तुलिका चौधरी, रूचिता सिंह, विनेश त्यागी, अरशद जमाली, नौबहार सिंह, गिरिराज सिंह, दुर्गा सिंह, ताजवीर सिंह, असीम चौहान, अंगजीत सिंह, रूपेश चौधरी, अनुराग नाथ, आदेश पाल, जितेंद्र सिंह, मदन पाल, उदिता, नीरज, धीरज चौधरी, शादाब, चंद्रपाल सिंह, नवीन चौधरी, अमीर नहटौरी, अमर सिंह, धर्मवीर सिंह, तेजपाल सिंह, पवन कुमार सहित बडी संख्या में शिक्षकों व कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन के लिए धरना देकर प्रदर्शन किया। अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष नागेश कुमार ने की।
इन संगठनों का रहा समर्थन
बिजनौर। पुरानी पेंशन बहाली मंच के आंदोलन को उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ, राजकीय वाहन चालक संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, गन्ना पर्यवेक्षक संघ, सफाई कर्मचारी संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफयेर एसोसिएशन, उर्दू टीचर्स एसोसिएशन, उप्र जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स एसोसिएशन, खंड शिक्षा अधिकारी संघ, लेखपाल संघ, उप्र सांख्यकी सेवा परिसंघ सहित 19 संगठनों ने पुरानी पेंशन का समर्थन कर धरना प्रदर्शन में प्रतिभाग किया।
घोटालों पर भी हुई बौछार
बिजनौर। पुरानी पेंशन बहाली मंच के धरने प्रदर्शन में कर्मचारियों ने प्रदेश में ओडीएफ में हुए घोटालों पर जमकर तंज कसे। ग्राम पंचायतों में बनवाए गए शौचालयों में ग्राम प्रधानों के माध्यम से अधिकारियों द्वारा की गई उगाही पर चिंता जताई। एक कर्मचारी नेता ने कहा कि एक पूर्व अधिकारी ने तबादला होने पर आनन फानन में प्रधानों से खूब लूट की। कई वक्ताओं ने देश की करोडों संपत्ति लेकर विदेश भागने पर चिंता जताई। कर्मचारियों ने तंज कसे की सरकार कर्मचारियों व शिक्षकों को पुरानी पेंशन बहाल नहीं कर रही। जबकि उद्योगपति बैंकों की अरबो की संपत्ति लेकर रफू चक्कर हो गए हैं।
क्रातिं दिवस पर कई संगठनों ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
बिजनौर। बृहस्पतिवार का दिन कई संगठनों ने क्रांति दिवस के रूप में मनाया। कलक्ट्रेट में पहुंच कर अपने मांग पत्र सौंपा। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशन एसोसिएशन ने प्रदर्शन किया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पुरानी पेंशन बहाली मंच ने धरना देकर प्रदर्शन किया। विद्युुत पेंशनर्स परिषद , निर्माण मिस्त्री मजदूर यूनियन ने भी प्रदर्शन कर मांग पत्र एसडीएम को सौंपा।
सरकार पर गरजे शिक्षक
अफजलगढ़। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया है। बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने पहले तो अफजलगढ़ में सभा कर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की। बाद में बिजनौर में आहूत आंदोलन में शामिल होने को कूच कर गए।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शिक्षक संदीप कुमार ने आरोप लगाया कि इस सरकार को कर्मचारियों और जनता के दुखदर्द से कोई लेना देना नहीं है। चेताया कि यदि सरकार ने लोकसभा चुनाव के होने से पहले प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की पुरानी पेंशन को लाभ के साथ बहाल नहीं किया तो सरकार को खुले मंच से विरोध होगा। बैठक में जितेंद्र कुमार, अरुण कुमार, सुभाष चंद्र, भूपेंद्र कुमार, मनोज कुमार, जाहिद रजा, जुनेद इमरान, ब्रह्म सिंह, मुकेश कुमार, अंशु आर्य, मोनिका, नेहा, साक्षी, रचना, पुष्पा आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।