धामपुर नगर पालिका बोर्ड की बैठक में विचार रखते सभासद।
- फोटो : अमर उजाला
धामपुर में नगरपालिका बोर्ड की बैठक में बंदरों को पकड़वाने का प्रस्ताव पास किया गया। पालिका सदस्यों ने कहा कि बंदरों के आतंक से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बोर्ड ने वन विभाग के अधिकारियों से परमिशन लेने के बाद बंदरों को पकड़वा कर वनों में छुड़वाने को कहा। इस दौरान हाईकोर्ट की रोक के बाद भी नागरिकों से गृह व जल कर के नाम पर हो रही वसूली पर कुछ सभासदों ने नाराजगी जताई।
बृहस्पतिवार को पालिका के सभाकक्ष में बोर्ड की बैठक शुरू हुई। बैठक में सर्वसम्मति से बंदर पकड़वाने के प्रस्ताव को पारित कर दिया है। संपन्न हुई बैठक में केवल इस एक ही बिंदु पर विचार विमर्श के बाद प्रस्ताव पास होना था। इस प्रस्ताव के पास होने के बाद सभासद राजीव छाबड़ा ने पालिकाध्यक्ष महमूद हसन कस्सार और ईओ सुुरेंद्र कुमार यादव से जानना चाहा कि पालिका जल व गृह कर मामले को लेकर हाईकोर्ट में चल रहे वाद में कैसे हार गई।
जब हार गई तो हाईकोर्ट की रोक के बाद नागरिकों से वसूली क्यों की जा रही है। सभासद के प्रश्न का पालिकाध्यक्ष महमूद हसन कस्सार ने जब यह कहते हुए विराम लगाने का प्रयास किया कि यह टैक्स उनसे पहले वाले बोर्ड ने जनता पर थोपा था। उनके कार्यकाल में ऐसा नहीं हुआ है। पालिकाध्यक्ष के इस प्रश्न का उत्तर देते हुए सभासद राजीव छाबड़ा ने कहा कि गजट तो उनके कार्यकाल में ही हुुआ है।
चेयरमैन साहब जब पूरी जानकारी नहीं है तो बताने से पहले कर लेनी चाहिए। ईओ ने कहा कि सही से केस की पैरवी न होने से पालिका हारी है। अब ऐसा नहीं होगा। पालिका हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ रिट दयार करेगी। बैठक में अधिकांश सभासद मौजूद रहे। संचालन ईओ सुरेंद्र कुमार यादव ने किया।