बिजनौर जिले केमुख्य डाकघर नजीबाबाद में वर्ष 2015 में हुए घोटाले के मामले में तीन सदस्य टीम ने विभाग के कर्मचारियों से पूछताछ की और बयान दर्ज किए। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें इस मामले में बेवजह आरोपी बनाया गया है। उनका इस घोटाले से कोई लेनादेना नहीं है।
मुख्य डाकघर नजीबाबाद में वर्ष 2015 में हुए करीब 83 लाख रुपये के घोटाले में शनिवार को प्रधान डाकघर बिजनौर के कर्मचारियों से पूछताछ की गई। टीम ने इस दौरान कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। टीम की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। एक सप्ताह पहले ही निदेशक डाक सेवाएं बरेली की टीम ने भी मामले से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले थे। अभी तक इस घोटाले का मुख्य आरोपी जबार अहमद फरार है। कर्मचारियों का आरोप है कि पूछताछ के नाम पर उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है। घोटाले का मुख्य आरोपी तो फरार हो गया है। अभी तक वह पुलिस की पकड़ से दूर है। यहां तक की जिन अधिकारियों के कार्यकाल में यह घोटाला हुआ था, उनको भी इस घोटाले की जांच दे दी गई थी। जांच टीम में एएसपी धामपुर आरके वर्मा, डाक निरीक्षक नजीबाबाद दीपक शुक्ला व डाक निरीक्षक बिजनौर हरेंद्र सिंह मौजूद रहे। घोटाले के मामले में विभाग द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में 41 कर्मचारियों को संदिग्ध माना गया था।