- मेहनत-मजदूरी कर राजवीर कर रहा है बच्चों की परवरिश
संवाद न्यूज एजेंसी
नहटौर (बिजनौर)। दो बेटियों के बाद करीब दो वर्ष पूर्व जब घर में बेटे रोहित की किलकारी गूंजी तो गांव मुस्सेपुर निवासी मजदूर राजवीर सिंह और उसकी पत्नी कमला की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। करीब दस वर्ष पहले हुई शादी के बाद दंपती ने अभावों के बीच अपने परिवार को किसी तरह संभाला। मेहनत-मजदूरी कर राजवीर ने दो बेटियों और इकलौते बेटे की परवरिश का सपना संजोया था। लेकिन शुक्रवार रात गुलदार उसके दो वर्षीय बेटे को चारपाई से उठाकर ले गया। शनिवार सुबह घर से करीब 200 मीटर दूर मासूम का शव मिला तो परिवार की दुनिया उजड़ गई।
राजवीर सिंह बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति में परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। घर के नाम पर एक कमरा है और परिवार के पास एक ही चारपाई है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दस वर्ष पहले राजवीर की शादी कमला से हुई थी। मजदूरी करके परिवार का पेट पालने वाले राजवीर के जीवन में धीरे-धीरे दो बेटियां लवी (6) और परी (4) आईं। इसके बाद जब रोहित पैदा हुआ तो परिवार की खुशियां बढ़ गईं। दो बेटियों के बाद इकलौते बेटे को लेकर राजवीर और कमला ने कई सपने संजोए थे। कमला रोते रोते वह यही कह रही थी कि उन्हें क्या पता था कि जिस बेटे को उन्होंने अभावों के बीच सीने से लगाकर पाला, वह इतनी कम उम्र में उनसे छिन जाएगा।
- परिवार के पास रहने को एक कमरा
राजवीर की आर्थिक स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परिवार के पास रहने के लिए केवल एक कमरा है। खाने पीना का सामान तो दूर बर्तन भी गिनती के ही हैं। घर में चारपाई भी एक ही है। इसी पर बच्चे सोते थे, जबकि माता-पिता और दूसरी बेटी कमरे में जमीन पर दरी बिछाकर रात गुजारते थे। शुक्रवार रात भी परिवार इसी तरह सोया था। सुबह तक जिस घर में बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, वहां मातम पसरा था।
- गैलरी और कमरे पर दरवाजा तक नहीं
राजवीर मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। उसके परिवार के पास रहने के लिए मात्र एक कमरा है। घर में एक ही चारपाई है, जिस पर रोहित अपनी बहन के साथ सो रहा था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य कमरे में दरी बिछाकर सो रहे थे। उसकी गैलरी और कमरे तक पर दरवाजा नहीं है। ग्रामीण यही कहते नजर आ रहे थे कि यदि दरवाजा होता तो बच्चे की जान बच जाती। राजवीर ने बताया कि रोहित उसका इकलौता बेटा था। उसकी दो बेटियां लवी और परी हैं।
- गांव में 200 मीटर अंदर तक पहुंचा गुलदार, दहशत में लोग
ग्रामीणों के अनुसार राजवीर का घर गांव की सीमा से करीब 200 मीटर अंदर है। गुलदार का गांव में इतनी दूरी तक घुसकर घर से मासूम को उठा ले जाना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले भी गुलदार राजवीर के भाई अरविंद के घर के आसपास दिखाई दिया था। उस समय बच्चों की चारपाई पर मच्छरदानी लगी होने के कारण गुलदार उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सका था। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद भी वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। अब मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है।
नहटौर के गांव मुस्सेपुर में गुलदार के हमले में मरने वाले मासूम रोहित का फाइल फोटो।
नहटौर के गांव मुस्सेपुर में गुलदार के हमले में मरने वाले मासूम रोहित का फाइल फोटो।
नहटौर के गांव मुस्सेपुर में गुलदार के हमले में मरने वाले मासूम रोहित का फाइल फोटो।