बिजनौर : जलालाबाद-किरतपुर मार्ग पर वाहनों से ध्वस्त हुआ फोरलेन हाईवे।
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जलालाबाद/नजीबाबाद (बिजनौर)। मेरठ-पौड़ी फोरलेन हाईवे का हुसैनपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन 100 मीटर भाग वाहनों के आवागमन शुरू होते ही धंस गया। कई स्थानों पर मार्ग वाहनों से उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो गया।
मेरठ-पौड़ी फोरलेन हाईवे निर्माण नजीबाबाद क्षेत्र में चल रहा है। बिजनौर से नजीबाबाद तक फोरलेन हाईवे निर्माण कार्य करीब चार माह से जारी है। जलालाबाद-किरतपुर हाईवे पर गांव हुसैनपुर ढाकी के निकट फ्लाई ओवर का निर्माण हो रहा है। फ्लाई ओवर से कुछ फासले पर नजीबाबाद से किरतपुर दिशा में हाईवे निर्माण कार्य चलाया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के बाद हाईवे निर्माण इकाई ने ढाकी हुसैनपुर से तारा देवी पब्लिक स्कूल तक फोरलेन हाईवे निर्माण कार्य पूरा किया।
सोमवार को क्षेत्र के निर्माणाधीन हाईवे को वाहनों के आवागमन के लिए खोला गया। निर्माणाधीन हाईवे से वाहन गुजरते ही करोड़ों रुपये की लागत से बने हाईवे की गुणवत्ता की पोल खुल गई। भारी वाहनों के दौड़ते ही मार्ग जगह-जगह में धंसना शुरू हो गया। कई स्थानों पर हाईवे का ऊपरी भाग उखड़ गया और हाईवे गड्ढों में तब्दील हो गया।
क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग निर्माण की गुणवत्ता को लेकर निर्माण इकाई ठेकेदार गंभीर नहीं है। जिससे एक दिन के भीतर हाईवे ध्वस्त होना शुरू हो गया। हाईवे निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बार-बार प्रश्न उठ रहे हैं। क्षेत्र में काशीपुर-हरिद्वार फोरलेन हाईवे पर भी नजीबाबाद मंडावली मार्ग पर कई स्थानों पर हाईवे पर दरारें आने और मार्ग धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं।
मेरठ-पौड़ी फोरलेन हाईवे निर्माण इकाई के डीजीएम व पीडी संतोष वाजपेयी ने मार्ग धंसने की जानकारी न होने की बात कही। पीडी ने मीडिया के माध्यम से ही मार्ग धंसने की खबर पहुंचने की बात कही। उन्होंने तत्काल मामले की जांच कराने, मार्ग धंसने के कारणों का पता लगाने और क्षतिग्रस्त मार्ग के हिस्से को तत्काल दोबारा बनवाने की बात कही है।