बिजनौर। यूं तो सरकारी राशन गरीबों के लिए आ रहा है पर जिले में कई आयकर दाता और जमींदार भी सरकारी राशन लेने से पीछे नहीं हट रहे। कई तो ऐसे मिले, जिन्होंने खुद सरकार को हजारों रुपये का गेहूं बेच दिया, वहीं मुफ्त राशन भी ले रहे थे। विभाग की ओर से सर्वे हुआ तो गड़बड़ी पकड़ में आई। जिले में कुल 17564 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं।
जिले में शहरों में 62 और देहात क्षेत्र की 79 फीसदी आबादी को खाद्य सुरक्षा गारंटी के राशन दिया जा रहा है। जिले में कुल राशन कार्डों की बात करें तो इनकी संख्या
6,28,288 है। वहीं इन राशन कार्ड पर कुल 27, 43, 631 यूनिट दर्ज है। एक यूनिट पर पांच किलो अनाज दिया जा रहा है। हाल ही में विभाग ने एक सर्वे कराया, जिसमें आयकरदाता, पांच एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसान, मृतकों के 17 हजार से ज्यादा नाम सामने आए। इनमें 9,210 आयकरदाता, 1671 पांच एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसान और 6683 मृतक मिले। इन सभी के राशनकार्ड निरस्त कर दिए गए। संवाद